ट्रेन देर हुई तो नहीं दे पाते हैं पेपर, परीक्षा केंद्र बनाएं

so make an examination center.

चंपारण के छात्रों को पीजी परीक्षा के लिए मुख्यालय आने की मजबूरी वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बीआरएबीयू के क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी जिलों में अब पीजी (स्नातकोत्तर) की पढ़ाई शुरू हो चुकी है, जिससे छात्रों को लाभ मिला है, और सीटों की संख्या बढ़कर 11 हजार से अधिक हो गई है. हालांकि, विवि प्रशासन अब तक परीक्षा व्यवस्था में बदलाव नहीं कर सका है. पीजी की परीक्षा के लिए केंद्र आज भी केवल विवि मुख्यालय पर ही बनाया जाता है. यह पुरानी व्यवस्था तब से चली आ रही है जब पीजी की पढ़ाई केवल कुछ गिने-चुने कॉलेजों में होती थी. इस केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली से चंपारण (बेतिया और मोतिहारी) के छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है. पहली पाली की परीक्षा के लिए कई बार ट्रेन लेट होने पर छात्रों की परीक्षा छूट जाती है. वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा देकर वापस घर लौटना भी छात्रों के लिए मुश्किल हो जाता है. विवि की सीनेट की बैठक में हर साल चंपारण में परीक्षा केंद्र बनाने का मुद्दा उठता है. बेतिया व मोतिहारी के जनप्रतिनिधि शून्यकाल में इस विषय को उठाते हैं, मगर अधिकारियों के आश्वासन के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है. परीक्षा केंद्र की मांग को लेकर आंदोलन इस बीच, एमजेके कॉलेज बेतिया में छात्रों ने परीक्षा केंद्र बनाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आह्वान पर आंदोलन शुरू कर दिया है. छात्रों ने धरना दिया और बुद्धि-शुद्धि यज्ञ भी किया. पीजी सत्र 2024-25 के सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा 24 नवंबर से शुरू हो रही है. इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक प्रो राम कुमार ने कहा कि कुलपति मुख्यालय से बाहर हैं और उनके लौटने पर परीक्षा केंद्र निर्धारण का प्रस्ताव उनके समक्ष रखा जायेगा.

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By Navendu shehar pandey

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