रायशुमारी पर ही रिपीटर बनेंगे प्राथमिक स्कूलों के बच्चे

अभिभावकों की राय के बिना सरकारी स्कूलों में किसी भी बच्चों को रिपीटर की श्रेणी में नहीं रखा जायेगा.

-प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश-8वीं तक के बच्चों के लिए अभिभावक की सहमति जरूरी

मुजफ्फरपुर.

अभिभावकों की राय के बिना सरकारी स्कूलों में किसी भी बच्चों को रिपीटर की श्रेणी में नहीं रखा जायेगा. इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से निर्देश जारी किया गया है. सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले 8वीं तक के बच्चे अभिभावक की मर्जी से ही रिपीटर बनेंगे. अगर अभिभावक को ऐसा लगता है कि उनके बच्चों के विकास के लिए पिछली ही कक्षा में एक वर्ष और रहने की जरूरत है, तो इसके लिए वे स्कूल के एचएम से संपर्क कर सकते हैं. सभी नामांकित छात्रों को स्वतः अगली कक्षा में प्रमोशन किया जायेगा. इ- शिक्षाकोष में दर्ज छात्रों की सूची को अगली कक्षा के लिए अपडेट कर दिया जायेगा. यदि किसी छात्र को पुरानी कक्षा में रिपीट करने की जरूरत हो तो अभिभावक की सहमति से ऐसा किया जायेगा. स्कूलों में बेहतर अकादमिक वातावरण के निर्माण के लिए सभी बीइओ व स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने विभाग के निर्णय से सभी को अवगत कराया है. सभी जिलों के डीइओ इसका पालन सुनिश्चित करेंगे.

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By Navendu Shehar Pandey

Navendu Shehar Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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