-10 फीसदी एक्स्ट्रा शुल्क पेरिफेरल एरिया से रजिस्ट्री के सरकारी खाते में हो रही है जमा- एक दशक बाद विभागीय स्तर पर मंथन शुरू, रजिस्ट्री प्रक्रिया में भी कई बदलाव फिर से संभव
मुजफ्फरपुर.
मुजफ्फरपुर शहर से सटे इलाके में तेजी से हो रहे विकास के बीच सरकारी स्तर पर जमीन की रजिस्ट्री शुल्क में वृद्धि की प्रशासनिक कवायद शुरू हो गयी है. अभी रजिस्ट्री ऑफिस नगर निगम की सीमा से सटे 08 से 10 किलोमीटर की परिधि में पड़ने वाले जमीन के प्लॉट की खरीद-बिक्री में तय सरकारी दर पर दस फीसदी एक्स्ट्रा शुल्क वसूल रहा है. लेकिन, आने वाले समय में इसमें भारी वृद्धि होने का संकेत मिलने लगा है. रेट दो गुना से भी ज्यादा हो सकता है. विभागीय स्तर पर जमीन रेट में वृद्धि के साथ प्रक्रिया में कई बदलाव की तैयारी है. नये वित्तीय वर्ष से एमवीआर में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. लगभग एक दशक बाद जमीन की सरकारी मूल्य में वृद्धि हो सकती है. इसका बड़ा कारण सूबे के हर जिले में नये-नये नगर पंचायतों का गठन व नगर पंचायत से नगर परिषद एवं नगर परिषद को नगर निगम में उत्क्रमित कर नये-नये क्षेत्र को शामिल होना बताया जा रहा है. जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने बताया कि विभागीय स्तर पर इसकी कवायद शुरू है. सभी नगर निकायों से वर्गीकृत सड़कों की सूची मांगी जा रही है. इसके बाद समेकित रिपोर्ट बना विभाग को भेज दी जायेगी.मुशहरी प्रखंड का सभी राजस्व गांव पेरिफेरल क्षेत्र में
नगर निगम क्षेत्र को छोड़ अभी विभागीय सूची में मुशहरी अंचल के अंतर्गत आने वाले सभी राजस्व गांव पेरिफेरल एरिया में आता है, जिन इलाके की जमीन रजिस्ट्री पर तय एमवीआर से दस फीसदी एक्स्ट्रा शुल्क लिया जा रहा है.
इसके अलावा मीनापुर, कुढ़नी व बोचहां के कुछ राजस्व गांव है, जो मुजफ्फरपुर नगर निगम की सीमा से 08 से 10 किलोमीटर की परिधि में पड़ता है. जिन गांवों की जमीन रजिस्ट्री पर दस फीसदी एक्स्ट्रा शुल्क की वसूली होती है. सड़क से सटे विकासशील व आवासीय श्रेणी की जमीन की रजिस्ट्री में विभाग भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करता है. ताकि, रजिस्ट्री में कहीं कोई राजस्व की चोरी नहीं करें.नप सीमा से सटे 04 किमी का एरिया पड़ता है पेरिफेरल की श्रेणी में
नगर निगम की तरह ही नगर परिषद व नगर पंचायत की सीमा से सटे 04 किमी की परिधि वाले गांवों को रजिस्ट्री ऑफिस पेरिफेरल एरिया मानता है. विभागीय निर्देश के अनुसार, इन इलाके की जमीन की रजिस्ट्री में भी सावधानी बरती जाती है. रजिस्ट्री से पहले गहराई से विभाग जांच-पड़ताल करता है कि कहीं कोई राजस्व का नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा है. बता दें कि मुजफ्फरपुर जिले में कुल 03 नगर परिषद है, जिसमें कांटी, साहेबगंज व मोतीपुर शामिल है. इसके अलावा 07 नगर पंचायत है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
