वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए सदर अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक लोग पहुंच रहे हैं. इनमें से 30-35 लोग ऐसे होते हैं, जिनका आधार कार्ड, राशन कार्ड व प्रधानमंत्री पत्र में नाम एक जैसा नहीं मिलने से उनका कार्ड नहीं बन रहा है. इन लोगों को अपना नाम ठीक करवाने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर काटने पड़ रहे हैं. इसके लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा नए सदस्य का नाम योजना में जुड़वाने का जिला स्तर पर कोई प्रावधान नहीं है. सदर अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत अपना गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काट रही माला कुमारी ने कहा कि राशन कार्ड और आधार कार्ड में नाम मैचिंग नहीं होने से परेशानी हो रही है. उसके आधार कार्ड में उसका नाम माला देवी है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत उसे जो पत्र मिला है, उसमें उसका नाम माला कुमारी लिखा हुआ है. कई दिन तक तो उसे यह नहीं पता चला कि उसका योजना में नाम से रिकॉर्ड नहीं है. जब पता चला तो उसका गोल्डन कार्ड नहीं बना, अब उसने मजिस्ट्रेट से सत्यापित स्वयं का घोषणा पत्र देने को कहा गया है.
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