Muzaffarpur News: भगवान महावीर की जन्मस्थली वासोकुंड में 'घोड़परास' का आतंक, किसान और पर्यटक परेशान

Muzaffarpur News: वासोकुंड में घोड़परास (नीलगाय) के आतंक से किसान और पर्यटक त्रस्त हैं. फसलों की बर्बादी और सड़क हादसों के डर के बीच ग्रामीणों ने डीएम से गुहार लगाई है कि पर्यटन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इन्हें जल्द हटाया जाए. पढ़ें पूरी खबर…

Muzaffarpur News:   भगवान महावीर की पावन जन्मस्थली वासोकुंड और आसपास के इलाकों में इन दिनों जंगली जानवर ‘घोड़परास’ (नीलगाय) ने भारी आतंक मचा रखा है. इससे न केवल किसानों की कमर टूट रही है, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं में भी भय का माहौल है. सरैया नगर पंचायत के वार्ड-12 के ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) को आवेदन सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई है.

​किसानों की फसलें हो रही बर्बाद

​ग्रामीणों ने बताया कि घोड़परास का झुंड खेतों में घुसकर गेहूं, मक्का और आम के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. किसानों का कहना है कि उनकी महीनों की मेहनत पर ये जानवर चंद पलों में पानी फेर देते हैं. लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान से क्षेत्र के किसान दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं.

​पर्यटन मार्ग पर हादसे का खतरा

​वासोकुंड एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र है. मुख्य सड़क से पर्यटन स्थल तक जाने वाले 3 किलोमीटर के रास्ते पर घोड़परास का जमावड़ा लगा रहता है. ये जानवर अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे बाइक सवारों और पर्यटकों के साथ बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से मांग की है कि इन जानवरों को पकड़कर सुरक्षित जंगलों में छोड़ा जाए ताकि पर्यटन और खेती दोनों सुरक्षित रह सकें.

मुजफ्फरपुर से प्रभात कुमार की रिपोर्ट

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By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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