Muzaffarpur News: मिठनपुरा थाना क्षेत्र के बावन बिगहा कन्हौली निवासी राजीव मिश्रा ने रजिस्ट्री कार्यालय के प्रधान लिपिक अरुण कुमार सिन्हा उर्फ अरुण कुमार श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. प्राथमिकी में रिश्वत मांगने का विरोध करने पर मारपीट करने, गला दबाने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. पुलिस दर्ज मामले की जांच में जुट गई है.
रजिस्ट्री कराने के बदले 30 हजार रुपये मांगने का आरोप
थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार राजीव मिश्रा ने बताया कि वह इंडियन एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन नामक एक निबंधित संस्था के संस्थापक हैं. संगठन को शिकायत मिली थी कि रजिस्ट्री कार्यालय के प्रधान लिपिक द्वारा एक कातिब दिलीप कुमार से रजिस्ट्री कराने के एवज में 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी.आरोप है कि रिश्वत नहीं देने के कारण कई दिनों से कार्य लंबित रखा गया था. इसी मामले को लेकर 13 फरवरी 2026 की शाम करीब चार से पांच बजे के बीच राजीव मिश्रा अपने संगठन के सदस्यों और शिकायतकर्ता कातिब के साथ रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे. वहां प्रधान लिपिक ने दोबारा रिश्वत की मांग की.
मारपीट और सामान छीनने का आरोप
राजीव मिश्रा का आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया तो प्रधान लिपिक उग्र हो गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. आरोप के मुताबिक इस दौरान गला दबाया गया, शर्ट फाड़ दी गई और उनके पास मौजूद एटीएम कार्ड, चेकबुक और 1600 रुपये नकद छीन लिए गए.उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधान लिपिक ने अपने लोगों से हत्या करवाने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी. किसी तरह वहां से निकलकर उन्होंने मुशहरी अस्पताल में इलाज कराया.
पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
मामले में नया मोड़ तब आया जब यह जानकारी सामने आई कि रजिस्ट्री कार्यालय के प्रधान लिपिक अरुण कुमार सिन्हा उर्फ अरुण कुमार श्रीवास्तव ने भी 13 फरवरी 2026 को नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.उस प्राथमिकी में उन्होंने राजीव मिश्रा और उनके तीन सहयोगियों पर रंगदारी मांगने, कार्यालय में घुसकर मारपीट करने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया था. प्रधान लिपिक ने आरोप लगाया था कि उनसे प्रतिदिन 50 हजार रुपये रंगदारी मांगी जा रही थी और इनकार करने पर हमला किया गया.फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है.
मुजफ्फरपुर से चंदन की रिपोर्ट
