गर्मी से बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति: अस्पतालों में 40% से ज्यादा मरीज उल्टी और दस्त के शिकार
More than 40% of patients suffer from vomiting and diarrhea
By Kumar Dipu | Updated at :
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
जिले में बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के चलते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में बढ़ोतरी हो रही है. सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में 40 प्रतिशत से अधिक लोग उल्टी, दस्त और डायरिया से पीड़ित हैं. इसके साथ ही वायरल बुखार के मामलों में भी इजाफा हुआ है. चिकित्सकों ने इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
अप्रैल में ही मई जैसी तीव्र गर्मी और गर्म हवा ने बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित किया है. इस मौसम में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का खतरा बढ़ जाता है. सदर अस्पताल की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या 1000 से बढ़कर 1300 तक पहुंच गई है, जिनमें डायरिया के मरीजों की संख्या अधिक है, विशेष रूप से बच्चों में.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. चिन्मयी शर्मा के अनुसार, बच्चों में डायरिया के मामले कुल मरीजों का 20 प्रतिशत से अधिक हैं. इसके बाद वायरल बुखार, जुकाम और खांसी के मरीज हैं. उन्होंने बताया कि गर्मी में डिहाइड्रेशन की संभावना अधिक होती है, इसलिए अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन आवश्यक है.
डिहाइड्रेशन के लक्षण: तेज सिरदर्द, त्वचा का सूखना, लंबे समय तक पेशाब न आना, चक्कर आना, घबराहट, मुंह सूखना, सुस्ती और कमजोरी जैसे लक्षण डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं.
बचाव के उपाय: धूप से बचाव के लिए टोपी या कपड़ा पहनें, खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं, मौसमी फल (तरबूज, खरबूजा, ककड़ी) का सेवन करें, काम करते समय पानी की बोतल साथ रखें, दही और लस्सी का सेवन करें, और डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस का घोल दें. किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेने की सलाह दी गई है.
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