क्राइम कंट्रोल, स्मार्ट पुलिसिंग व शराब बंदी समेत 15 बिंदुओं पर एडीजी ने की समीक्षा
अधिकारियों की जिम्मेदारी की तयडीजीपी के आदेश पर एडीजी सुशील खोपड़े को बनाया है जिले का नोडल पदाधिकारीडीआइजी कार्यालय में जिले के एसएसपी व सभी एसडीपीओ के साथ की समीक्षा बैठकप्रत्येक माह बुधवार व गुरुवार को जिले में रहकर एडीजी करेंगे जिला पुलिस की मॉनिटरिंगमुजफ्फरपुर.
एडीजी मद्य निषेध सह मुजफ्फरपुर जिले के नोडल पदाधिकारी सुशील मानसिंह खोपड़े गुरुवार को तिरहुत रेंज के डीआइजी कार्यालय में क्राइम कंट्रोल, स्मार्ट पुलिसिंग व शराबबंदी को सफल बनाने समेत 15 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा कि थाना स्तर फिर से एलएलटीएफ का गठन किया जायेगा. अब शराब के साथ एलएलटीएफ मादक पदार्थ तस्करों पर भी नकेल कसेगी. बताया कि बैठक में सभी अधिकारियों को कहा गया है कि शराब तस्करी के मामले में स्पीडी ट्रायल के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा करें. यहीं नहीं , शराब के ऐसे केस , जो दूसरे राज्यों से जुड़े हैं, वैसे लंबित केस का जल्द से जल्द से निबटारा करना है. जरूरत पड़ने पर जिला पुलिस मद्य निषेध इकाई की मदद ले सकती है. बैठक में डीआइजी चंदन कुशवाहा, एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी विश्वजीत दयाल, ग्रामीण एसपी विद्या सागर, प्रशिक्षु आइपीएस गरिमा समेत जिले के सभी डीएसपी शामिल हुए.शराब केस के आइओ को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
एडीजी ने बैठक में सभी पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि शराब केस के जो भी आइओ हैं, उन्हें केस का कैसे निष्पादन करना है, कैसे डायरी लिखना है, उसकी विशेष ट्रेनिंग दी जायेगी. अक्सर शराब के केस में कमजोर अनुसंधान से तस्करों पर नकेल कसने में समस्या आती है. उन्होंने शराब से अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले तस्करों की सूची बनाने का निर्देश दिया, ताकि उनकी संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा जा सकें.भूमि और बालू माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
उन्होंने कहा कि बैठक में क्राइम कंट्रोल को लेकर रणनीति तैयार की गयी. लैंड, बालू व शराब माफियाओं पर शिकंजा कसा जायेगा. समीक्षा के दौरान जो भी तथ्य सामने आये हैं, उसपर मुख्यालय में समीक्षा होगी. इसके बाद जिला पुलिस को निर्देश मिल जाएगा. वही लंबित मामलों का निपटारा, स्पीडी ट्रायल की प्रगति, कांडों की जांच में निर्देशों का थाना स्तर पर कितना पालन किया जा रहा है. लंबित वारंट- कुर्की का कितना निष्पादन किया गया है. वांटेड अपराधी व शराब माफियाओं की गिरफ्तारी को लेकर विशेष टीम बनायी गयी है या नहीं. लूट, हत्या, डकैती समेत गंभीर नेचर के कांडों में सामूहिक सुपरविजन की जा रही है या नहीं. . ऑर्गेनाइज्ड क्राइम को रोकने को लेकर क्या- क्या कार्रवाई की जा रही है इसकी भी जानकारी ली गयी है.
गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
मद्य निषेध के एडीजी सह जिला के नोडल पदाधिकारी सुशील मानसिंह खोपड़े गुरुवार को 11:45 बजे डीआइजी कार्यालय पहुंचे. वहां, जवानों ने उनको गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी. इसके बाद वह डीआइजी व मुजफ्फरपुर जिले के एसएसपी व सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ दो घंटे तक समीक्षा बैठक की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
