मुजफ्फरपुर के कांटी से मनोज कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Kanti BDO Visit: प्रखंड अंतर्गत गोदाई फुलकाहा के पोखरौरा वार्ड 6 निवासी उमेश मिश्र के 41 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद घर वापसी की खबर पूरे इलाके में कौतूहल और खुशी का विषय बनी हुई है. इस भावुक और ऐतिहासिक पल की जानकारी मिलते ही कांटी प्रखंड के निवर्तमान बीडीओ डॉ. आनंद कुमार विभूति रविवार को विशेष रूप से उनसे मिलने उनके पैतृक घर पहुंचे. इस दौरान निवर्तमान बीडीओ ने उमेश मिश्र को अंगवस्त्र, गुलदस्ता, डायरी और पारंपरिक मैथिली पाग पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया. इस आत्मीय मिलन को देखकर वहां मौजूद उमेश मिश्र के परिजन और ग्रामीणों ने भी बीडीओ साहब का गर्मजोशी से स्वागत किया.
अखबार में खबर पढ़कर मिलने पहुंचे, पोखरौरा गांव का किया दौरा
डॉ. आनंद कुमार विभूति ने बताया कि प्रभात खबर में प्रकाशित भावुक समाचार से उन्हें उमेश मिश्र की घर वापसी की जानकारी मिली थी. वे उसी समय उनसे मिलना चाहते थे, परन्तु संयोगवश उसी दिन उन्हें दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड में नए बीडीओ के रूप में पदभार ग्रहण करना था. व्यस्तता के कारण वे उस दिन नहीं आ सके, लेकिन उनके मन में उमेश मिश्र से मिलने की गहरी आतुरता थी. रविवार को सरकारी छुट्टी होने के कारण वे अपने आपको रोक नहीं सके और सीधे पोखरौरा गांव पहुंच गए. बीडीओ ने उमेश मिश्र से 41 वर्षों के दौरान (वर्ष 1985 से 2026 के बीच) बिताए समय, उनके संघर्षों और वे कहां रहे, इस पर विस्तार से चर्चा की.
पहचान पत्र और सरकारी योजनाओं की मांग, बीडीओ ने दिया भरोसा
इस मुलाकात के दौरान उमेश मिश्र के दोनों भाइयों और स्थानीय ग्रामीणों ने निवर्तमान बीडीओ से एक भावुक अपील की. उन्होंने उमेश मिश्र का नया आवासीय प्रमाण पत्र, पहचान पत्र (पहचान दस्तावेज), और राशन कार्ड जल्द से जल्द बनवा देने का आग्रह किया ताकि उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं और पेंशन का लाभ मिल सके. इस मांग पर डॉ. आनंद कुमार विभूति ने पूरी संवेदनशीलता दिखाई. उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि अब वे इस प्रखंड के बीडीओ नहीं हैं, इसलिए वे खुद सीधे यह सुविधा नहीं दिलवा सकते.
वर्तमान बीडीओ से संपर्क करने की सलाह, ग्रामीण रहे मौजूद
उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि वे वर्तमान बीडीओ किशन चन्द्रायण से मिलकर अपनी पूरी समस्या और दस्तावेजों की स्थिति बताएं. उन्होंने ग्रामीणों को पूरा भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक स्तर पर उनका यह जरूरी काम प्राथमिकता के आधार पर हो जाएगा. इस खास और भावुक मौके पर उमेश मिश्र, उनके भाई दिनेश मिश्र, बीरेंद्र मिश्र के साथ डॉ. नीरज कुमार, अनिल झा, अरुण मिश्र, भुन्नी मिश्र, शैलेश झा, राजा मिश्र और दिलीप महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
