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Lockdown में बिहार लौटे लाखों श्रमिक लेकिन रोटी, कपड़ा और मकान का जुगाड़ नहीं कर सकीं सरकार, पेश है Special Report

By Prabhat Khabar Print Desk
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Lockdown News
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PTI

Bihar News : कोरोना काल में लॉकडाउन (lockdown) के कारण बेरोजगार होकर घर लौटे श्रमिकों को यहां रोकने में सरकार की योजनाएं बेअसर साहित हो रही हैं. स्थिति सामान्य होने के बाद प्रवासियों के लिए सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्किल के अनुसार रोजगार देने की कवायद शुरू की, लेकिन अब तक छह कलस्टर से करीब डेढ़ सौ श्रमिक ही जुड़ सके हैं.

जिले में रेडीमेड और फर्नीचर सहित चार प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है, जबकि दो अभी फ्लोर पर है. श्रम विभाग और उद्योग विभाग के सहयोग से श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है. इसके लिए पहले ही पंजीकरण कराया गया है, जिसमें अलग-अलग स्किल के अनुसार कैटेगरी तैयार की गयी है. नोडल अधिकारी सह डीआइसी परिमल ने बताया कि कुशल कामगारों को जिले में ही रोकने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है. स्थानीय कामगारों को भी इससे जोड़ा गया है.

दो योजनाओं का मिल रहा लाभ- प्रवासी श्रमिकों को दो योजनाओं से जोड़कर लाभ दिया जा रहा है. जिला औद्योगिक नव प्रवर्तन योजना और मुख्यमंत्री कुशल श्रमिक उद्यमी कलस्टर योजना के तहत लॉकडाउन अवधि में बाहर से आये श्रमिक, जो कोरेंटिन रहे हैं, लाभान्वित किये जा रहे हैं. हालांकि हालात सामान्य होने पर बड़ी संख्या में लोग वापस भी लौटने लगे हैं.

अलग-अलग प्रखंडों में चल रहा काम- सभी कलस्टर अलग-अलग प्रखंडों में चल रहे हैं. औराई में रेडीमेड, कटरा में फर्नीचर उद्योग, कुढ़नी सीमेंट जाली उत्पादन के साथ ही मिठाई डिब्बा बनाने का काम शुरू हो गया है. इसके अलावा जल्द ही बोचहां में लहठी उद्योग और सरमस्तपुर में सेनेटरी नैपकीन तैयार किया जायेगा.

बीच में श्रमिकों के भागने से अटका प्रोजेक्ट- जिला प्रशासन और उद्योग विभाग श्रमिकों को यहां रोकने के लिए योजना तैयार कर रहा था, तब तक कई लोग वापस लौटने लगे. इससे प्रोजेक्ट प्रभावित भी हुए. विभागीय अधिकारी ने बताया कि इसी के चलते सभी कलस्टर में स्थानीय लोगों को भी रखा जा रहा है, ताकि कोई दिक्कत न हो.

Posted By : Avinish kumar mishra

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