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बिहार में फिलहाल पुरानी सर्किल रेट पर ही होगी जमीन रजिस्ट्री, निर्धारित लक्ष्य से अधिक हुआ संग्रह

By Prabhat Khabar Print Desk
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 रजिस्ट्री
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प्रभात खबर

मुजफ्फरपुर. मार्च क्लोजिंग के आखिरी दिन बुधवार को रजिस्ट्री ऑफिस में जमीन के खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी. देर शाम तक ऑफिस खोल जमीन के दस्तावेजों की रजिस्ट्री प्रक्रिया चलती रही. लगभग दो सौ दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई. इससे आखिरी दिन विभाग को पौने दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है.

वार्षिक लक्ष्य की बात करें, तो वर्ष 2020-21 में निर्धारित लक्ष्य का 87 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हुआ है. यानी 162 करोड़ रुपये राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 140 करोड़ की वसूली हुई है. इधर, एक अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री रेट बढ़ने की जो चर्चा थी, इस संदर्भ में विभागीय कोई दिशा-निर्देश नहीं आया है.

इस कारण पहले से निर्धारित सर्किल रेट पर ही एक अप्रैल (गुरुवार) से जमीन की रजिस्ट्री होगी. जिला अवर निबंधक राकेश कुमार ने बताया कि विभाग से जब दिशा-निर्देश आयेगा, तब रेट बढ़ाने की कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल पुरानी दर पर ही रजिस्ट्री होगी.

निगम परिसर में खुलेगा आरटीपीएस काउंटर, डीएम ने दी मंजूरी

शहरी क्षेत्र के लोगों की सुविधा का ख्याल रखते हुए नगर निगम परिसर में भी आरटीपीएस काउंटर खोला जायेगा. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित अन्य योजनाओं से संबंधित आवेदन अब नगर निगम में ही जमा होगा. निगम परिसर में आरटीपीएस काउंटर खोलने के लिए जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने मंजूरी प्रदान कर दी है.

जिलाधिकारी ने आरटीपीएस काउंटर पर कर्मी की तैनाती व काउंटर खोलने को लेकर बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के अपर मिशन निदेशक को पत्र भी लिख दिया है. नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय को काउंटर खोलने के लिए स्थल आदि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

आरटीपीएस काउंटर खोलने को लेकर नगर विधायक विजेंद्र चौधरी के अलावा मेयर सुरेश कुमार ने कई बार डीएम व प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र लिखा था. गत 13 जनवरी को जब सांसद अजय निषाद की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की मीटिंग में मेयर ने इस मुद्दा को उठाया था, तब समिति के बतौर अध्यक्ष सांसद ने इसकी स्वीकृति प्रदान की थी.

अंतिम दिन पांच सौ सरकारी बिल पास

मार्च क्लोजिंग के अंतिम दिन 31 मार्च की देर रात तक एसबीआई के ट्रेजरी ब्रांच रेडक्राॅस शाखा में काम होता रहा. अंतिम दिन 500 से अधिक सरकारी बिल पास हुए. वहीं करीब पांच करोड़ से अधिक का चेक क्लीयरिंग हुआ.

सीएफएमएस सिस्टम लागू होने से अधिकांश ट्रांजेक्शन डायरेक्ट सरकारी खाते में हो जाता है, इसलिए अब बैंक पर ट्रांजेक्शन की राशि नहीं आती, केवल बिल पास होता है. इसको लेकर रात 12 बजे तक काम होता रहा. अधिकांश बिल शाम 6 बजे तक आ चुके थे. कुछ छूटे बिल थोड़ी देर बाद आये.

Posted by Ashish Jha

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