-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए विशेषज्ञों के टिप्स
-एक होटल में निजी अस्पतालों के संचालकों की शिरकत-जालसाजों से बचने के लिए उपायों की दी गयी जानकारी
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरबिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति व सेंटर फॉर हेल्थ पॉलिसी ने कार्यशाला आयोजित की.एक होटल के सभागार में निजी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए एंटी-फ्रॉड व क्वालिटी डॉक्यूमेंटेशन पर विचार रखे गये. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत धोखाधड़ी से बचने के लिए उपायों के बारे में बताया गया. इसके साथ ही गुणवत्ता दस्तावेजीकरण को सुदृढ़ करना व स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस एवं हेल्थ बेनिफिट पैकेज के अनुपालन को सुनिश्चित करना था. बतौर मुख्य अतिथि सीएस डॉ अजय कुमार मौजूद रहे.
सावधानी बचा सकती है धोखाधड़ी
डॉ सीके दास, सदस्य सचिव, जूली पाण्डेय, वरीय उप समाहर्ता सह सदस्य मंच पर थे.कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे शैलेश चंद्र दिवाकर, प्रशासनिक पदाधिकारी ने एंटी-फ्रॉड पर मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए जरूरी कदमों से अवगत कराया.
रियल टाइम रिपोर्टिंग बतायी
विभिन्न सत्रों में डॉ गुरिंदर रंधावा, डॉ आलोक रंजन ने धोखाधड़ी नहीं हाेने, गुणवत्ता दस्तावेजीकरण, केस स्टडीज व डॉ नीरज सिंह, निदेशक हेल्थकेयर व सत्येन्द्र कुमार ने स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस व हेल्थ बेनिफिट पैकेज पर प्रोटोकॉल अनुपालन विषय पर विस्तार से चर्चा की. प्रतिभागियों को रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए आइएचआइपी पोर्टल के उपयोग पर जिला सेल व एडीआरआइ टीम ने जागरूक किया.
इन्होंने रखे विचार
सेंटर फॉर हेल्थ पॉलिसी एडीआरआइ के टीम लीड डॉ सूरज शंकर, इंद्रजीत गोस्वामी, दिलीप, संजीव, अर्पण,पवन,अमित व अन्य उपस्थित रहे. कार्यशाला में पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सारण, शिवहर, सीवान, वैशाली व पश्चिम चंपारण जिलों के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ डॉक्टर व स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया.
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