इमलीचट्टी, जूरन छपरा एवं सिकंदरपुर चौराहे पर भी बनेगा आइकोनिक स्ट्रक्चर

इमलीचट्टी, जूरन छपरा एवं सिकंदरपुर चौराहे पर भी बनेगा आइकोनिक स्ट्रक्चर

-लक्ष्मी चौक एवं मोतीझील ब्रिज के ऊपर त्रिमुहानी पर पहले ही लीची व बरगद के वृक्ष का आइकोनिक स्ट्रक्चर बनाने का हो चुका है फैसला-पांच चौराहे के लिए नगर आयुक्त ने आरसीडी के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखा, एनओसी के बाद शुरू होगा काम

मुजफ्फरपुर.

शहर के तीन और नये चौक-चौराहों पर मुजफ्फरपुर की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की पहचान दिलाने वाले धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के साथ आजादी की लड़ाई लड़ने वाले शहीदों को इंगित करते हुए आइकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा. निगम आयुक्त विक्रम विरकर ने इसके लिए रोड एवं चौराहे का मालिकाना हक रखने वाले पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने को कहा है. इसमें जूरन छपरा, इमलीचट्टी एवं सिकंदरपुर चौक शामिल है. नगर निगम के सशक्त स्थायी समिति से पहले ही मोतीझील ब्रिज के ऊपर त्रिमुहानी के समीप खाली जगह एवं लक्ष्मी चौक चौराहें पर आइकोनिक स्ट्रक्चर बनाने का फैसला हो चुका है. लक्ष्मी चौक पर मुजफ्फरपुर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली लीची का आइकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा. वही, मोतीझील ब्रिज के ऊपर बाबा गरीबनाथ मंदिर की स्थापना के संदर्भ में अतीत की जानकारी देते हुए खून बहते हुए बरगद के वृक्ष का आइकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा. कुल पांच चौराहे को फिलहाल चिह्नित किया गया है. आरसीडी के कार्यपालक अभियंता गणेश कुमार ने कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण की बात है. वे एक सप्ताह के भीतर विभागीय प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए एनओसी निर्गत करने की कार्रवाई करेंगे.

दाता कंबल शाह व खुदीराम बोस को भी जानेंगे लोग

नगर निगम से पांच आइकोनिक स्ट्रक्चर बनाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया है. इसमें तीन नये चौराहे पर जो आइकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा. इसमें दाता कंबल शाह मजार के स्थापना के उद्देश्य के बारे में बताते हुए शांति का संदेश देने वाले कबूतर का आइकोनिक स्ट्रक्चर रहेगा. देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ने वाले शहीद की याद में स्वतंत्रता की प्रतिध्वनि देने वाला आइकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा. ===================मुजफ्फरपुर की पहचान जिन चीजों से है. वर्तमान पीढ़ी उस अतीत को भूल न जाये. इसके लिए लीची, बाबा गरीबनाथ, दाता कंबल शाह के स्थापना की याद दिलाते हुए आइकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा. वहीं, स्वतंत्रता की प्रतिध्वनि यानी स्वतंत्रता की तलाश करने वाले लोगों की भावनात्मक यात्रा की यादों में खुदीराम बोस जैसे महापुरुषों की याद करते हुए आइकोनिक स्ट्रक्चर बनेगा. –

निर्मला साहू, महापौरB

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By Prabhat Khabar News Desk

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