ललितांशु, मुजफ्फरपुर
ट्रेन में सफर के दौरान स्लीपर कोच से थर्ड एसी कोच में पत्नी से जा कर मिलना पति को महंगा पड़ गया. वहीं टीटीइ ने यात्री को आर्थिक दंड के रूप में 380 रुपए का चालान काट दिया. रेलवे की ओर से की गयी इस कार्रवाई को लेकर यात्री ने रेल मंत्रालय से लेकर डीआरएम सोनपुर को टैग कर शिकायत के साथ कड़ी आपत्ति जतायी है. साथ ही फाइन का रसीद भी अधिकारियों को टैग किया है. यह मामला गाड़ी संख्या- 13508 आसनसोल-गोरखपुर एक्सप्रेस का है. जिसमें विकास केसरी नाम के यात्री अपने परिवार के साथ इस ट्रेन में दो पीएनआर नंबर पर सफर कर रहे थे. डीआरएम सोनपुर की ओर से संज्ञान लेते हुए जांच को लेकर डीआरएम सोनपुर को सूचित किया गया है. जांच शुरू हो गयी है.बरौनी जंक्शन पर हुआ जुर्माना
शिकायत दर्ज
दर्ज शिकायत में विकास केसरी ने बताया कि थर्ड एसी-बी-4 में 4 कन्फर्म टिकट उनके पास था. जिस पर बच्चे के साथ परिवार के लोग सफर कर थे. वहीं दूसरे पीएनआर पर स्लीपर कोच एस-8 में वे खुद थे. गोरखपुर से जसीडीह के लिये यात्रा कर रहे थे. जानकारी दी कि बीते रविवार को सुबह के समय बरौनी जंक्शन पर किसी काम से पत्नी ने बुलाया तो वे स्लीपर कोच से थर्ड एसी में मिलने पहुंचे. इसी दौरान रेलवे एक्ट का हवाला देते हुए 380 रुपए का फाइन कर रसीद थमा दिया गया.
क्या एक ट्रेन में परिवार से नहीं मिल सकते यात्रीस्लीपर का था अलग से टिकट
यात्री ने रेलवे के अधिकारियों को शिकायत के साथ आपत्ति जताते हुए कई सवाल किये है. उन्होंने बताया है कि थर्ड एसी में परिवार के साथ दो छोटे बच्चे भी थे जिसमें एक 3 साल का व दूसरे बच्चे की उम्र महज 4 महीने थी. ऐसे में एक ही ट्रेन में यात्रा करने के दौरान परिवार से लोग मिल नहीं सकते. जबकि मेरे पास स्लीपर का अलग से टिकट था. मैंने गोरखपुर से चलने के बाद सारी रात स्लीपर कोच में ही यात्रा की. मुझे रेलवे से इस बारे में जवाब चाहिए.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
