डेंगू की आशंका: रैपिड टेस्ट पॉजिटिव आने पर अब एलाइजा-आधारित एनएस1 जांच जरूरी

ELISA-based NS1 test is now necessary

निजी अस्पतालों को निर्देश: डेंगू की पुष्टि पर देनी होगी पूरी जानकारी; जिले में अब तक कोई केस नहीं वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर: कई राज्यों में डेंगू के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अपनी सतर्कता बढ़ा दी है. लोगों को डेंगू बुखार का डर सताने लगा है, जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने निजी संस्थानों में डेंगू की जांच कराने वाले मरीजों को सरकारी अस्पताल में भी जांच कराने की सलाह दी है. स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को खास निर्देश दिया है कि रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) में डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज को तुरंत डेंगू का मरीज घोषित कर अफवाह न फैलाएं. जिला वेक्टर बोर्न डिजीज पदाधिकारी (डीवीबीडी) डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि आरडीटी किट से पॉजिटिव परिणाम आने पर यह केवल सांकेतिक हो सकता है. ऐसे अधिकांश मामलों में मरीजों को वास्तव में डेंगू होने की संभावना कम रहती है. उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार की पुष्टि के लिए एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) में एलाइजा-आधारित एनएस1 जांच किट उपलब्ध है. इस किट से डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जांच निशुल्क की जाती है और इससे डेंगू का सही परिणाम आता है. डॉ. सुधीर कुमार ने यह भी बताया कि जिला वेक्टर बोर्न डिजीज कार्यालय ने सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि डेंगू मरीजों की पुष्टि होने की स्थिति में तत्काल डीवीबीडीसी कार्यालय में मरीज का पूरा विवरण के साथ सूचना दें. फिलहाल, जिले में डेंगू का एक भी केस नहीं मिला है.

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By Kumar Dipu

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on health, political, social, and current topics.

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