-बच्चियों के प्रति नहीं दिखती संजीदगी
-16 जिले ही दे रहे हैं नियमित रिपोर्ट-मुजफ्फरपुर में बरत रहे हैं कोताही
मुजफ्फरपुर.
गर्भ से लिंग परीक्षण जाँच के बाद बालिका शिशु को हटाना कन्या भ्रूण हत्या है. 16 जिले जो नियमित रिपोर्ट मुख्यालय को भेज रहे हैं, उसमें मुजफ्फरपुर नहीं है. अपना जिला रिपोर्ट भेजने में कोताही बरत रहा है. जिले से कन्या भ्रूण हत्या की रिपोर्ट समय पर भेजी नहीं जाने से राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने नाराजगी जतायी है.स्वास्थ्य विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी ने पत्र लिखकर कहा कि समय पर कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित प्रतिवेदन समय पर नहीं देना खेदजनक है. विभाग के पत्र आने के बाद सीएस कार्यालय में हलचल तेज हो गयी है.210 निबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र
सीएस कार्यालय के अनुसार जिले में 210 निबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं. सभी केंद्र संचालक को हर माह एक विशेष फॉर्म जांच से संबंधित भर कर देना होता है. इसमें शपथ पत्र होता है कि उनके सेंटर पर भ्रूण जांच नहीं की जाती है. लेकिन 2025 में कुछ को छोड़कर बाकी जिलों ने रिपोर्ट ही नहीं दी है. सिविल सर्जन डाॅ अजय कुमार ने इसकी समीक्षा की. सीएस ने कहा जिस सेंटर से समय पर रिपोर्ट नहीं आयेगी, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जायेगा. नये अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए जाे आवेदन आये हैं, उसकी जांच के लिए एक टीम बनी है. इस सप्ताह अभियान चलाकर जांच की जायेगी.लिंग जांच नहीं करा सकते
कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के प्रयास में, भारत सरकार ने 1994 का प्री-नेटल डायग्नोस्टिक तकनीक (पीएनडीटी) अधिनियम लागू किया, जो लिंग चयन पर प्रतिबंध लगाता है और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रीनेटल डायग्नोस्टिक तकनीकों को नियंत्रित करता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
