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Muzaffarpur News: सहकर्मी की हत्या में 11 साल बाद सहायक डाक अधीक्षक गिरफ्तार, बिसरा जांच से हुआ था खुलासा

प्रधान डाकघर के तत्कालीन भंडारपाल उपेंद्र ठाकुर का शव मिलने के बाद पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मान कर चार अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी. मृतक की बिसरा जांच रिपोर्ट जब एफएसएल से आयी, तो शराब के साथ जहरीले पदार्थ के सेवन से उनकी मौत होने का पता चला.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
बिहार अपराध
बिहार अपराध
फाइल

मुजफ्फरपुर. प्रधान डाकघर के तत्कालीन भंडारपाल उपेंद्र ठाकुर की हत्या में 11 साल बाद सहायक डाक अधीक्षक लाल बहादुर सिंह को गिरफ्तार किया गया है. नगर पुलिस ने पीएंडटी चौक के पास छापेमारी कर पकड़ा है. लालबहादुर सिंह इस कांड में अप्राथमिकी अभियुक्त है. नगर थाने में केस के आइओ दारोगा सुनील कुमार पंडित उनसे पूछताछ कर रहे हैं. मंगलवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जायेगा. इस कांड में फरार चल रहे अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. इनमें कुढ़नी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गिद्धा निवासी रामानंद साह, खरौनाडीह निवासी राजेंद्र झा, साहेबगंज के दियारा इलाके के भीम मंडल, सरैया के रेवा रोड निवासी दिनेश प्रसाद सिंह, भभुआ के कुदरा थाने के सलथुआ निवासी संजीत कुमार, पूर्णिया के टीकापट्टी थाने के कौशकीपुर निवासी छोटेलाल महलदार व पूर्वी चंपारण के मझौलिया निवासी जगदीश राम शामिल हैं.

  • नगर थाना पुलिस ने पीएनटी चौक के पास से पकड़ा

  • प्रधान डाकघर के तत्कालीन भंडारपाल की हुई थी हत्या

  • एडीजी के निर्देश पर आरोपित को किया गया गिरफ्तार

  • हत्या में फरार चल रहे सात अन्य को किया जा रहा ट्रेस

फरार आरोपितों की गिरफ्तारी का निर्देश

कंपनीबाग स्थित प्रधान डाकघर के बाहर 12 जून 2011 की अहले सुबह तीन बजे फुटपाथ पर एक व्यक्ति का शव मिला था. उसकी पहचान करजा के रसूलपुर निवासी उपेंद्र ठाकुर के रूप में की गयी थी. वह प्रधान डाकघर में भंडारपाल के पद पर तैनात था. मामले में तत्कालीन नगर थाने के दारोगा सुरेश सिंह के बयान पर तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. अनुसंधान के क्रम में राजेंद्र झा, दिनेश प्रसाद सिंह, रामानंद कुमार, जगदीश राम, लालबहादुर सिंह, भीम मंडल, संजीत कुमार, छोटेलाल महलदार व आदि के खिलाफ केस हुआ, तो उनकी गिरफ्तारी का आदेश जारी हुआ. बीते दिनों एडीजी एटीएस ने नगर थाने की समीक्षा की थी. इस दौरान फरार आरोपितों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया था.

पटना एक ही गाड़ी में सवार होकर गये थे सभी आरोपित

11 जून 2011 को पटना के पत्रकार नगर थाना के चित्रगुप्त नगर में डाक विभाग के कर्मी राहुल के भाई के बहुभोज में शामिल होने के लिए सभी आरोपित एक ही गाड़ी से गये थे. उनके साथ मृतक भी था. रात्रि सभी करीब दो से तीन बजे के आसपास में वापस लौटे. वहां, नाइट गार्ड को बताया मृतक करजा थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी उपेंद्र ठाकुर के बारे में बताया कि ज्यादा नशा हो गया है. कुछ देर में ठीक हो जायेगा. उसे प्रधान डाक घर के पास गाड़ी से उतार कर फरार हो गये.उसी दिन उपेंद्र ठाकुर की मौत हो गयी. बिसरा जांच में शराब में जहरीली पदार्थ पीने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई. इसी आधार पर बोलेरो में सवार सभी लोग अप्राथमिक अभियुक्त बनाये गये.

बिसरा जांच से हुआ था खुलासा

उपेंद्र ठाकुर का शव मिलने के बाद पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मान कर चार अज्ञात के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी. मृतक की बिसरा जांच रिपोर्ट जब एफएसएल से आयी, तो शराब के साथ जहरीले पदार्थ के सेवन से उनकी मौत होने का पता चला. इसके बाद सहायक डाक अधीक्षक लाल बहादुर सिंह समेत आठ अप्राथमिक अभियुक्त की गिरफ्तारी का निर्देश जारी हुआ था.

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