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बिहार में रेमडेसिवीर के बाद अब बाजार से अचानक गायब हुआ एजीथ्रोमाइसिन, बढ़ती मांग के साथ तेज हुई कालाबाजारी

By Prabhat Khabar Print Desk
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दवा दुकान
दवा दुकान
फाइल

मुजफ्फरपुर. पिछले 15 दिनों से कोरोना के इलाज वाली एंटीबायोटिक दवाओं सहित विटामिन सी व डी की बिक्री में तेजी से इजाफा हुआ है. मांग बढ़ी तो दुकानदारों ने भी ऑर्डर देने शुरू किए, लेकिन एक सप्ताह में जिस हिसाब से दवाओं की मांग बढ़ी है, इसकी उम्मीद न होलसेलर को थी और न खुदरा व्यवसायियों को.

खुदरा कारोबारी एक सप्ताह के लिए जितनी दवाएं मंगाते थे, उतनी अब दो दिन के लिए भी कम पड़ रही है. डॉक्टर की सलाह पर सर्दी-खांसी वाले मरीज और उनका पूरा परिवार इन दवाओं का सेवन कर रहे हैं. मांग बढ़ने पर पिछले दिनों एंटीबायोटिक एजीथ्रोमाइसिन 500 एमजी का शॉर्टेज हुआ था, लेकिन अब स्टॉकिस्टों ने काफी मात्रा में दवा मंगा ली है.

बावजूद दुकानों में सभी दवाएं एक साथ नहीं मिल रही है. किसी दुकान में एजीथ्रोमाइसिन है, तो विटामिन सी की दवा सेलिन नहीं है, किसी दुकान में जिंकोविट है तो एजीथ्रोमाइसिन नहीं है. इन दवाओं की खरीदारी के लिए लोग एक से दूसरे दुकान का चक्कर लगा रहे हैं. खुदरा विक्रेता कह रहे हैं कि ऑर्डर के हिसाब से होलसेलर दवाएं नहीं दे रहे हैं, जिससे शॉर्टेज हो रहा है.

नहीं मिल रही कोरोना की दवा फेवीफ्लू

कोरोना की दवा फेवीफ्लू बाजार से नहीं मिल रही है. पिछले साल इन दवाओं का शहर में काफी स्टॉक था, लेकिन सारी दवाएं एक्सपायर कर गयी. दुकानदारों का कहना है कि कंपनी से आपूर्ति नहीं है. इस कारण दवाओं का शॉर्टेज है.

स्प्रे सैनिटाइजर का हो रहा शॉर्टेज

जेल सैनिटाइजर तो उपलब्ध है, लेकिन स्प्रे सैनिटाइजर सभी दुकानों में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. विक्रेता शंभु प्रसाद ने कहा कि दिसंबर से फरवरी तक मांग नहीं थी. अचानक मांग बढ़ने के कारण आपूर्ति कम हो गयी है.

ड्रग कंट्रोलर से रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग

केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने राज्य ड्रग कंट्रोलर को पत्र लिख कर रेमिडिसीवीर उपलब्ध कराने की मांग की है. अध्यक्ष रंजन साहू व सचिव संजीव कुमार चौधरी ने कहा है कि मुजफ्फरपुर की हालत बहुत खराब है. यहां कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसी स्थिति में पर्याप्त इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाए. कंपनियों पर दबाव बनाया जाये कि वे अधिक संख्या में इंजेक्शन की आपूर्ति करे.

Posted by Ashish Jha

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