एंटी स्माॅग गन से शहर का प्रदूषण होगा कम

एंटी स्माॅग गन से शहर का प्रदूषण होगा कम

मुजफ्फरपुर.

वायु प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम क्षेत्र में वार्डवार कार्य योजना तैयार कर कार्य चल रहा है. एंटी स्माॅग गन एक ऐसी तकनीक है जो वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करती है. यह गन वायु में मौजूद प्रदूषक तत्वों को हटाने के लिए उपयोग की जाती है. डीएम सुब्रत कुमार सेन ने एंटी स्माॅग गन के उचित रखरखाव और उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया है. एंटी स्मॉग गन को स्प्रे गन, धुंध गन या वाटर कैनन के नाम से भी जाना जाता है. एंटी स्मॉग गन इस तरह का उपकरण है जो नेबुलाइज्ड पानी की बारीक बूंदों का हवा में छिड़काव करता है जिससे धूल और प्रदूषण के छोटे-छोटे कण अवशोषित होने लगते हैं. लोडिंग वाहन में पीछे की तरफ लगी एंटी स्मॉग गन एक पानी के टैंक से जुड़ी रहती है. एंटी स्मॉग गन को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह पानी को एक हाई- प्रेशर प्रोपेलर के जरिए 50 से 100 माइक्रोन की छोटी बूंदों वाले एक तेज बौछार में बदल देती है. यह धूल और प्रदूषण के दूसरे कणों को पानी के साथ बांधकर जमीन पर ले आती है जिससे वायु प्रदूषण का स्तर कम हो जाता है. पानी की बौछार करीब 150 फुट की ऊंचाई तक पहुंच सकती है और इसे एक मिनट में करीब 30 से 100 लीटर तक पानी का छिड़काव किया जा सकता है. नगर निगम के पास दो स्मॉग गन है जिसकी क्षमता 900 लीटर है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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