-18 मार्च तक ट्रेनिंग पूरी कर लेने के हैं निर्देश
मुजफ्फरपुर.
बच्चाें पर कहर बरपाने वाले एइएस से बचाव की तैयारी शुरू हाे गयी है. पारा मेडिकल स्टाॅफ की ट्रेनिंग 18 मार्च तक पूरा कर लेने के निर्देश दिये गये हैं. अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य सेवाएं) प्रत्यय अमृत ने सभी सिविल सर्जन काे पत्र लिखकर ट्रेनिंग शुरू कराने के लिए शिड्यूल बनाने के निर्देश दिये हैं. कहा है कि जिले के हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर, सीएचसी, पीएचसी, आरएच, एसडीएच, सदर अस्पताल व मेडिकल काॅलेज के चिकित्सा पदाधिकारी व पारामेडिकल स्टाॅफ के साथ एसओपी 2025 की ट्रेनिंग दी जायेगी. ट्रेनिंग के बाद सभी लाेग अपने क्षेत्र में प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में रिपाेर्ट भेजेंगे. एइएस से बचाव काे लेकर चलाये जा रहे अभियान की माॅनीटरिंग दिल्ली से हाेगी. एनसीवीबीडीसी, दिल्ली ने पिछले 10 वर्षाें के दाैरान मुजफ्फरपुर समेत अन्य प्रभावित जिले में एइएस से बच्चाें की माैत व बीमारों की समीक्षा करेगा.इन्हें दी जायेगी ट्रेनिंग
आयुष चिकित्सक, बीएचएम, डीपीसी, बीसीएम, डीसीएम, इपिडेमिलाॅजिस्ट, आशा, फैसिलेटर, शहरी आशा, सीएचओ, जीएमएम, एएनएम, जीविका, पीआरआइ सदस्य, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, पीरामल, विकास मित्र, डब्लूएचओ, यूनिसेफ, इएमआई, शिक्षक, सीडीपीओ.डेथ सर्टिफिकेट तुरंत जारी होगा
मुजफ्फरपुर.
एइएस व जेई से मरनेवाले बच्चों का डेथ सर्टिफिकेट संबंधित अस्पताल तुरंत बनाकर उनके परिजन को देंगे. सर्टिफिकेट के लिए उनके परिजनों को अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल डायरेक्टर(राज्य मलेरिया विभाग) डॉ अनिल कुमार ने सभी मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक व सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को पत्र भेजकर निर्देश दिया है. साल 2022 में एसकेएमसीएच के पीआइसीयू वार्ड में चमकी-बुखार होने पर भर्ती बच्चे के मरने के बाद उसके परिजन डेथ सर्टिफिकेट के लिए एसकेएमसीएच का दौड़ लगाते रहे. इसके बाद दर्जनों परिजनों ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारी से की थी. इसके बाद राज्य सरकार ने ऐसे निर्देश दिये हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
