दो-चार फुट तक नीचे गिरा शहर का जलस्तर, चंदवारा इलाके में परेशानी

मुजफ्फरपुर : करीब पांच साल बाद मॉनसून की मेहरबानी से वर्ष 2019 में सामान्य की तुलना में बेहतर बारिश हुई. शुरुआती महीनों में लगा कि बेहतर बारिश के कारण गर्मी के दिनों में पानी का संकट नहीं होगा. पिछले साल की तुलना में भू-जलस्तर के तेजी से नीचे जाने पर भी कंट्रोल रहेगा, लेकिन फरवरी […]

मुजफ्फरपुर : करीब पांच साल बाद मॉनसून की मेहरबानी से वर्ष 2019 में सामान्य की तुलना में बेहतर बारिश हुई. शुरुआती महीनों में लगा कि बेहतर बारिश के कारण गर्मी के दिनों में पानी का संकट नहीं होगा. पिछले साल की तुलना में भू-जलस्तर के तेजी से नीचे जाने पर भी कंट्रोल रहेगा, लेकिन फरवरी माह में जारी नगर निगम के जल कार्य शाखा की रिपोर्ट ने फिर से आम लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है. बूढ़ी गंडक नदी से सटे शहर के चंदवारा इलाके का जलस्तर 32 फुट तक नीचे चला गया है, जबकि 28-30 फुट सामान्य जलस्तर है.

इससे मारवाड़ी हाई स्कूल में लगे नगर निगम के पंप से होने वाले पानी की आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है. हालांकि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचइडी) ने ग्रामीण क्षेत्रों की जो रिपोर्ट जारी की है, वह राहत देने वाली है. अधिकतर ग्रामीण इलाके के जलस्तर की रिपोर्ट 20 फुट के नीचे ही है.

कार्यपालक अभियंता ई प्रभात कुमार बताते हैं कि सकरा, बंदरा, मुरौल व कांटी प्रखंड को छोड़ कर जिले के अन्य सभी प्रखंडों के जलस्तर की रिपोर्ट काफी बेहतर है. गर्मी के दिनों में चार प्रखंडों में सबसे ज्यादा पानी संकट होती है. 12 फरवरी को जलस्तर की जांच करायी गयी, तो उन चार प्रखंडों की भी स्थिति अभी काफी ठीक है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >