कुओं की सर्वे रिपोर्ट देख चौंके सीएम, कहा- इसे फिर से कराएं

मुजफ्फरपुर : जल जीवन हरियाली यात्रा के क्रम में मंगलवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां चार जिलों (मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी व वैशाली) के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल के संचय से ही हरियाली आयेगी. इसके लिए मिशन मोड […]

मुजफ्फरपुर : जल जीवन हरियाली यात्रा के क्रम में मंगलवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां चार जिलों (मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी व वैशाली) के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल के संचय से ही हरियाली आयेगी. इसके लिए मिशन मोड में तालाब, आहर व पइन का निर्माण कराना होगा. चारों जिले की रिपोर्ट की जानकारी लेने के बाद सीएम ने वरीय अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि कुआं का सर्वेक्षण सही तरीके से कराने की आवश्यकता है.

दरअसल, सीएम ने मुजफ्फरपुर से अधिक वैशाली में कुआं कीसंख्या होने पर आश्चर्य व्यक्त किया. कहा कि मुजफ्फरपुर का क्षेत्रफल अधिक है. इसके बावजूद कुआं की संख्या कम कैसे है? इसके बाद उन्होंने सभी डीएम को अपने-अपने जिले के जल स्रोतों का फिर से रिपोर्ट तैयार कराने को कहा है.
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि चौर क्षेत्र की जमीन का सदुपयोग कर जल स्रोतों की संख्या बढ़ायी जा सकती है. चौर क्षेत्र के अंतर्गत जो गहरे भाग हैं, वहां तालाब का निर्माण कराया जा सकता है. उससे निकाली गयी मिट्टी पर पौधा लगा किसान आमदनी बढ़ा सकते हैं. समाहरणालय सभागार में करीब तीन घंटे तक चली बैठक में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी व शिवहर के अधिकारी मौजूद थे.
इस दौरान सीएम ने जल-जीवन हरियाली के सभी ग्यारह चेक प्वाइंट पर चर्चा की. समीक्षा बैठक के दौरान जन प्रतिनिधियों ने अपने – अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाया. सीएम ने अधिकारियों को शिकायतों का जल्द निष्पादन करने के निर्देश दिये. बैठक में पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, प्रभारी मंत्री श्याम रजक, नगर आवास मंत्री सुरेश शर्मा, जिले से जुड़े सांसद व विधायक के साथ मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय व जिले के डीएम व एसपी उपस्थित थे.
भू-जल स्तर को ठीक करने के लिए करें जागरुक
भू-जल स्तर की चर्चा करते हुए कहा कि जल स्तर को ठीक रखने के लिए जल जीवन हरियाली योजना को मिशन मोड में चलाया जा रहा है. लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है. आम पब्लिक के साथ जनप्रतिनिधि की सहयोग भी जरूरी है. सीएम ने शत प्रतिशत सरकारी भवनों में वाटर हॉर्वेस्टिंग के निर्माण पर जोर दिया. इसके अलावा उन्होंने बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सभी सरकारी भवनों के छत पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का निर्देश दिया है.

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