युवाओं में विकास की संभावनाओं को खत्म कर देता है फेल होने का डर

मुजफ्फरपुर : राष्ट्र के विकास में सबसे अधिक अपेक्षा युवा वर्ग से होती है. ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. लेकिन जब फेल होने का डर बढ़ जाता है, तो विकास की संभावनाएं खत्म हो जाती हैं. यह कहना है कि डीएम आलोक रंजन घोष का. वे शनिवार को एमआईटी के सभागार […]

मुजफ्फरपुर : राष्ट्र के विकास में सबसे अधिक अपेक्षा युवा वर्ग से होती है. ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. लेकिन जब फेल होने का डर बढ़ जाता है, तो विकास की संभावनाएं खत्म हो जाती हैं. यह कहना है कि डीएम आलोक रंजन घोष का. वे शनिवार को एमआईटी के सभागार में फर्स्ट ईयर बैच के लिए आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम 2019 के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे. डीएम ने इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को सभी तरह की सकारात्मक गतिविधियों से खुद को जोड़ने को प्रेरित किया.

डीएम ने कहा कि यहां युवाओं की संख्या ही ज्यादा है. देश को राष्ट्र निर्माताओं की जरूरत है. सबसे अधिक उम्मीद युवाओं से ही है. डीएम ने शहर के विकास की भी बात कही. कहा, शहर की तस्वीर बदलने में यूथ वालंटीयर भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.

डीएम ने प्लेसमेंट में सीनियर छात्रों को आगे आकर सहयोग करने की बात कही. इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत डीएम सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की. इसमें एमआईटी के साथ ही समस्तीपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के 417 छात्र शामिल हुए.

विशिष्ट अतिथि आईओसीएल बिहार झारखंड के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पीके सिन्हा ने छात्र-छात्राओं को कॉलेज लाइफ के बारे में बताया. कहा, आपके कॉलेज का दिन आगे भी याद रहता है. पेशेवर जीवन में यह बहुत अहमियत रखता है. प्राचार्य डॉ जेएन झा ने मन से असफलता का डर निकालने को प्रेरित किया. कहा, 10 में 8 लोग किसी नये काम में इसलिए हाथ नहीं डालते कि उन्हें असफलता का डर सताता है. इस डर को अभी से मन से निकाल देना है. स्वागत भाषण प्रो एसके झा व धन्यवाद ज्ञापन डॉ आशुतोष कुमार ने किया.

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