मुजफ्फरपुरपुर : पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली नहीं मिलने के कारण बैरिया अयाची ग्राम में रह रहे लोगों के धैर्य का बांध रविवार को टूट गया. लोगों सुबह आठ बजे बैरिया दामोदरपुर मेन रोड को टायर जलाकर जाम कर दिया. शाम को चार बजे जब बिजली कंपनी के जेई 100 केवीए का एक नया ट्रांसफॉर्मर लगाने पहुंचे और अगले दस दिनों के भीतर दोनों 200 केवीए के ट्रांसफॉर्मर को 315 केवीए में बदलने का आश्वासन दिया, तब जाकर लोगों ने जाम खत्म किया.
बैरिया में बिजली के लिए आठ घंटे जाम
मुजफ्फरपुरपुर : पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली नहीं मिलने के कारण बैरिया अयाची ग्राम में रह रहे लोगों के धैर्य का बांध रविवार को टूट गया. लोगों सुबह आठ बजे बैरिया दामोदरपुर मेन रोड को टायर जलाकर जाम कर दिया. शाम को चार बजे जब बिजली कंपनी के जेई 100 केवीए का एक नया […]

इस कारण आठ घंटे बैरिया दामोदरपुर मेन रोड जाम रहा. बैरिया बस स्टैंड से दरभंगा, सीतामढ़ी रूट में जाने वाली बसों का आवागमन भी ठप रहा. इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भी परेशानी हुई. आलम यह था कि साइकिल सवार को भी जाने का रास्ता नहीं था.
मेन रोड के दोनों ओर करीब आधा किमी तक वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी. स्थानीय निवासी राघवेंद्र झा, भवेश कुमार, पवन कुमार, समीर, सुमंत, सामाजिक कार्यकर्ता गौरव भारद्वाज, कुणाल सिंह, विवेक सिंह, पवन सिंह आदि ने कहा कि बिजली संकट एक महीने से है और पिछले तीन दिनों से बिल्कुल ही बिजली नहीं है. 24 घंटे में एक घंटे भी नहीं मिलती, आता भी है तो वोल्टेज नहीं रहता. प्रदर्शन के दौरान मोहल्ले का एक जवान गर्मी से बेहोश होकर गिर पड़ा.
बिजली के तार जर्जर, प्रतिदिन सुबह व शाम को उड़ता है फेज
500 से अधिक बड़े मकान, सौ से अधिक एसी
मुहाने पर व अंदर 200 केवीए का एक-एक ट्रांसफॉर्मर
मोहल्ले में एक ट्रांसफॉर्मर पर
दो बड़े ग्रिल फैक्ट्री का लोड
अयाची ग्राम मोहल्ले का बुरा हाल
लोगों ने कहा कि आयाची ग्राम में करीब 500 से अधिक घर हैं, जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक घर दो तीन मंजिल के है. करीब सौ से अधिक एसी लगे हैं, वहीं दो बड़ी ग्रिल फैक्ट्री इस मोहल्ले में चलती है. मोहल्ले के मुहाने पर एक 200 केवीए का ट्रांसफॉर्मर है और अंदर एक 200 केवीए का ट्रांसफॉर्मर है. मुहाने वाले ट्रांसफॉर्मर से सड़क के दोनों ओर बिजली जाती है. अंदर के 200 केवीए के ट्रांसफॉर्मर पर दो ग्रिल फैक्ट्री के अलावा 300 से अधिक बड़े घरों का लोड है.
बिजली के तार जर्जर हालत में जो आये दिन टूटते रहते हैं, ओवरलोड के कारण प्रतिदिन सुबह व शाम को फ्यूज उड़ता है. मोहल्ले अंदर 200 केवीए के ट्रांसफॉर्मर से तेल गिरता रहता है. आये दिन डीपी बॉक्स में आग लग जाती है. लाइनमैन हमेशा फेज बनाने व ट्रांसफॉर्मर दुरुस्त करने को लेकर पैसा मांगते रहते हैं.
हाल यह है कि मोहल्ले के अंदर जो किराना दुकान है उनके यहां तीन दिनों से सारा दूध, दही खराब हो जाता है. लोगों के घरों में फ्रिज में रखे सभी सामान खराब हो चुके हैं. सभी घरों में पिछले तीन दिनों से लोग पानी खरीदकर पी रहे हैं. लेकिन बाथरूम में पानी कहां से लाये, किसी तरह लोग जीने को मजबूर हैं. कनीय, सहायक व कार्यपालक अभियंता केवल आश्वासन देते हैं, समस्या का निदान नहीं हुआ तो अंत में थक हारकर हमलोगों को सड़क पर उतरना पड़ा.