निगम की व्यवस्था पर फूटा आक्रोश, किया घेराव

मुजफ्फरपुर: शहर में चारों तरफ गंदगी के अंबार, बजबजाते नालों, जजर्र सड़क व राशन कार्ड वितरण में अनियमितता को लेकर शनिवार को लोगों को आक्रोश फूट पड़ा. नगर विधायक सुरेश शर्मा के नेतृत्व में लोगों का हुजूम निगम कार्यालय में धरने पर बैठ गया. इसमें पुरुषों के मुकाबले महिलाएं अधिक थी. धरना में दलगत भावनाओं […]

मुजफ्फरपुर: शहर में चारों तरफ गंदगी के अंबार, बजबजाते नालों, जजर्र सड़क व राशन कार्ड वितरण में अनियमितता को लेकर शनिवार को लोगों को आक्रोश फूट पड़ा. नगर विधायक सुरेश शर्मा के नेतृत्व में लोगों का हुजूम निगम कार्यालय में धरने पर बैठ गया.

इसमें पुरुषों के मुकाबले महिलाएं अधिक थी. धरना में दलगत भावनाओं से ऊपर उठ कर भी लोग शामिल हुए. यहां तक की औराई विधायक रामसूरत राय, पूर्व मेयर समीर कुमार सहित भाजपा, लोजपा, रालोसपा, दलित सेना के साथ ही जदयू के भी कई कार्यकर्ता उपस्थित हुए. इसके अलावा कई संगठनों के लोगों ने भी शिरकत की. चैंबर ऑफ कॉमर्स, बार एसोसिएशन, फुटपाथ दुकानदार संघ, अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम फेडरेशन, पटेल युवा मंच व नवयुवक संघर्ष मोरचा सहित कई संगठनों के लोग बैनर व पोस्टर के साथ पहुंचे थे.

इस दौरान लगभग सभी वक्ताओं ने नगर आयुक्त व पूर्व विधायक को निशाने पर लिया. पार्षदों को भी नहीं बख्शा. निगम की व्यवस्था को लेकर उन पर जम कर बरसे. पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी का नाम न लेते हुए बाहरी हस्तक्षेप से निगम को मुक्त कराने की मांग की. निगम कार्यालय परिसर लोगों की भीड़ से खचाखच भरा था. गेट के बाहर सड़कों पर भी लोग खड़े थे. शहर की व्यवस्था पर लोगों में आक्रोश स्पष्ट दिख रहा था. आक्रोश राशन कार्ड वितरण में भेदभाव व अनियमितता को लेकर था. नयी जारी सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात लोग कह रहे थे.

अपने कक्ष में दुबके रहे नगर आयुक्त : निगम कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग आये थे. भय के कारण नगर आयुक्त ने खुद को अपने कार्यालय कक्ष में ही कैद कर लिया. कार्यालय के चारों तरफ गेट बंद कर दिया गया था. ताकि कोई भी आंदोलनकारी अंदर प्रवेश नहीं कर सके. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सात मजिस्ट्रेट, एक डीएसपी, एक दर्जन दारोगा व सौ से अधिक जवानों को लगाया गया था. हालांकि धरना शांतिपूर्ण रहा. प्रशासन की ओर से धरना की वीडियोग्राफी भी करायी गयी. धरना पर करीब चार घंटे तक विधायक सहित अन्य लोग बैठे रहे.

डीएम ने माना शहर की हालत खराब : इसके बाद विधायक सुरेश शर्मा के नेतृत्व में धरना पर बैठे लोगों ने डीएम से मिल कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. डीएम अनुपम कुमार ने माना कि शहर की स्थिति खराब है. चारों तरफ गंदगी है. उन्होंने सभी को आश्वासन दिया कि इसके लिए जल्द ही जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलायेंगे. समस्या के निदान का रास्ता खोजा जायेगा. प्रतिनिधि मंडल में नगर विधायक सुरेश शर्मा, औराई विधायक रामसूरत राय, पूर्व मेयर समीर कुमार, भाजुमो के प्रदेश अध्यक्ष राजेश वर्मा, भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रवींद्र सिंह, सुस्ता माधोपुर के मुखिया मुकेश कुमार, नगर विधायक के प्रवक्ता संजीव कुमार, फुटपाथी दुकानदार संघ की ओर कन्हैया कुमार सहित कई लोग थे. नगर आयुक्त की गाड़ी हुई बाहर

नगर निगम कार्यालय परिसर में शनिवार को धरना स्थल पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी. सुबह का 11:10 बज रहा था. इसी बीच नगर आयुक्त सीता चौधरी की गाड़ी निगम के मेन गेट से प्रवेश कर धरना स्थल पर पहुंच गयी. पंडाल के नीचे लोगों के बैठने के लिए दरी बिछाया गया था. नगर आयुक्त की गाड़ी घुसते ही धरना स्थल पर बैठे लोगों ने हल्ला करना शुरु कर दिया. लोगों ने विरोध करते हुए नगर आयुक्त की गाड़ी परिसर से बाहर ले जाने के लिए नारा लगा रहे थे. लोगों के विरोध के बाद नगर आयुक्त गाड़ी से उतरे उसके बाद गाड़ी परिसर से बाहर लगायी गयी. तब जा कर लोग शांत हुए.

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