मुजफ्फरपुर : लक्ष्मी चौक पर शनिवार की रात ऑटो चालक पंकज साह के घर में हुए विस्फोट की जांच के लिए रविवार की सुबह एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची. ब्रह्मपुरा थाना पुलिस के समक्ष टीम ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने की कवायद शुरू की. करीब तीन घंटे तक टीम कैसे हुआ विस्फोट, इस बिंदु पर जांच करती रही.
लेकिन, कमरे से न तो ब्लास्ट सिलिंडर का टुकड़ा मिला और न ही बारूद के अवेशष मिले. एफएसएल टीम ने कमरे, किचेन, बरामदे व सीढ़ी रूम में लगे ब्लड के धब्बे, मिट्टी व राख के नमूने को एकत्र किये. साथ ही कमरे में जितने भी इलेक्ट्रॉनिक्स समान रखे थे, उसकी भी बारीकी से छानबीन की.
जांच के बाद मकान से बाहर निकले एफएसएल के अधिकारियों का कहना था कि ब्लास्ट कैसे हुआ, यह जांच का विषय है. घटनास्थल से कुछ साक्ष्य एकत्रित किये गये हैं. जांच रिपोर्ट के बाद ही सही खुलासा हो पायेगा. घटना में झुलसे ऑटो चालक दंपत्ती व उनकी तीन बच्चों का एसकेएमसीएच के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है. गंभीर रूप से जख्मी ऑटो चालक के कुत्ते को भी इलाज के लिए भेज दिया गया है.
छानबीन के दौरान एफएसएल के अधिकारी कमरे की लंबाई-चौड़ाई का भी सत्यापन किया. मॉकड्रिल कर सिलिंडर विस्फोट होने के बाद क्या-क्या परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है, उसका भौतिक सत्यापन किया. घटना में 40 प्रतिशत तक झुलसी ऑटो चालक की पत्नी शीला देवी को लेकर एफएसएल के अधिकारियों के मन में कई तरह के संदेह उत्पन्न हो रहे हैं, जो पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा.
सिलिंडर फटा या बम विस्फोट हुआ, इसे जानने के लिए रविवार को पंकज साह के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी रही. सभी घर के अंदर आने व जानेवाले से पुलिस जवान व अधिकारियों से पूछ रहे थे कि सर क्या फटा. उनको बस एक ही जवाब मिल रहा था कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा.
- घटनास्थल से न ब्लास्ट सिलिंडर का टुकड़ा मिला न ही बारूद के अवशेष
- तीन घंटे तक क्षतिग्रस्त कमरे, किचेन, बरामदे व सीढ़ी से जुटाये साक्ष्य
- जगह-जगह लगे खून के धब्बे, मिट्टी व राख के नमूने को किया एकत्रित
