इंक्वायरी काउंटर पर सिर्फ सवाल, यात्रियों को नहीं मिलता सही जवाब, काउंटर पर नये प्रशिक्षु कर्मचारी ले रहे हैं ट्रेनिंग

नितेश कुमार, मुजफ्फरपुर : सर, समस्तीपुर जाने के लिए कौन-सी ट्रेन है. जवाब आया- अभी कोई ट्रेन नहीं है. इस पर यात्री वहां से आगे बढ़ जाता है. फिर उधर से आवाज आती है- सुनो, आम्रपाली है शायद. रुको चेक करते हैं. फिर अगले एक मिनट में बताया जाता है- हां, आम्रपाली जायेगी. प्लेटफॉर्म का […]

नितेश कुमार, मुजफ्फरपुर : सर, समस्तीपुर जाने के लिए कौन-सी ट्रेन है. जवाब आया- अभी कोई ट्रेन नहीं है. इस पर यात्री वहां से आगे बढ़ जाता है. फिर उधर से आवाज आती है- सुनो, आम्रपाली है शायद. रुको चेक करते हैं. फिर अगले एक मिनट में बताया जाता है- हां, आम्रपाली जायेगी. प्लेटफॉर्म का अनाउंस कर दिया जायेगा.
कुछ देर बाद एक यात्री ने पूछा, दुबहा जाने के लिए कोई गाड़ी है क्या? जवाब आया- दुबहा कहां है? अरे सर दुबहा के लिए कोई गाड़ी है क्या? अंदर से जवाब आता है- नहीं, कोई गाड़ी नहीं है. लेकिन उसी वक्त आम्रपाली एक्सप्रेस उसी रूट से गुजरने वाली गाड़ी थी. यह बातचीत मुजफ्फरपुर पूछताछ काउंटर पर शुक्रवार की दोपहर को यात्रियों व कर्मचारियों के बीच हो रही थी. यात्री ने आक्रोश जताते हुए कह रहे थे- कैसा कर्मचारी है? जानकारी नहीं है तो बैठा क्यों है? ट्रेन के बारे में जानकारी ठीक से नहीं दे सकता.
इन दिनों कर्मचारियों के लापरवाही की वजह से कई यात्रियों की ट्रेन छूट चुकी है. पूछताछ काउंटर से ट्रेनों के आने-जाने का अनाउंसमेंट सही तरीके से नहीं किया जा रहा है. रेलवे ने पिछले दिनों पटना की एक निजी कंपनी को पूछताछ काउंटर का जिम्मा सौंपा है. कंपनी के चार-पांच प्रशिक्षु यात्रियों कों ट्रेनों की जानकारी दे रहे हैं. वहीं पहले से तैनात कर्मचारी गलती करने पर उन्हें समझाते हैं.
वे भी एनटीएस नाम के एप के माध्यम से ट्रेनों की गतिविधि बता रहे हैं. लेकिन इस लापरवाही की वजह से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. इस मामले में रेल अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं.
गलती एक
17 नवंबर को मिथिला एक्सप्रेस के बारे में यात्रियों को जानकारी दी गयी कि यह ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या एक पर आ रही है, लेकिन प्लेस होने के समय ट्रेन प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर आने की बात कही गयी. इस लापरवाही की वजह से दर्जनों यात्रियों की ट्रेन छूट गयी थी और यात्रियों के बीच भगदड़ की स्थिति हो गयी थी. गलती की वजह से कर्मचारियों को फटकार लगी थी.
गलती दो
21 नवंबर को दिल्ली से बरौनी जानेवाली वैशाली एक्सप्रेस बिना अनांउसमेंट किये जंक्शन पर पहुंची और खुल भी गयी. यात्रियों को इस बात की भनक तक नहीं लगी. इस वजह से कई यात्रियों की ट्रेन छूट गयी थी. इस पर यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया था.

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