मुजफ्फरपुरः जलालत भरी जिंदगी से तंग आकर तिनकोठिया की रहने वाली 35 वर्षीया नर्तकी गुलशन खातून (काल्पनिक) ने शनिवार की रात आत्महत्या का प्रयास किया. पहले उसने खूब शराब पी. उसके बाद बदन पर केरोसिन डाल कर आग लगा लिया. उसे गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया. वहां डॉक्टर ने उसे एसकेएमसीएच रेफर कर दिया.
मुंगेर की रहने वाली गुलशन के माता-पिता बचपन में ही गुजर गये थे. जब वह बड़ी हुई तो एक महिला के झांसे में आकर रेडलाइट एरिया में पहुंच गयी. यहां गुलशन को मजबूरी में यह पेशा अपनाना पड़ा. हालांकि, शुरू से ही उसे इस पेशे से नफरत थी. दो साल तक उसने बतौर नर्तकी अपना गुजारा किया. इस पेशे से बाहर निकलने के लिए उसने तिनकोठिया निवासी युवक अलाउद्दीन से शादी कर ली. मगर अलाउद्दीन उसका भरण-पोषण नहीं कर सका. हालात की मारी गुलशन को एक बार फिर इस पेशे को अपनाना पड़ा.
रविवार को बयान देते हुए जब अहियापुर थाने के दारोगा शत्रुघ्न शर्मा को उसने अपनी कहानी सुनायी तो उनकी आंखों में आंसू आ गये. गुलशन ने कहा कि उसने इस पेशे को छोड़ने के लिए कई बार कोशिश की, लेकिन उसका किसी ने साथ नहीं दिया. शादी के बाद पति ने भी नहीं कहा कि यह पेशा छोड़ दो. आठ वर्ष पूर्व बेटी का जन्म हुआ तो इस गंदे माहौल से अलग करने के लिए उसे एक रिश्तेदार के पास मुंबई भेज दिया. गुलशन ने कहा कि वह अपने जीवन से तंग आ गयी थी. इसलिए उसने आत्महत्या का प्रयास किया. फिलहाल एसकेएमसीएच में गुलशन का इलाज चल रहा है. उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
