पटना / मुजफ्फरपुर : स्थानीय अदालत ने मुजफ्फरपुर हिट एंड रन मामले में भाजपा नेता मनोज बैठा को जमानत देने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया. मालूम हो कि बिहार के मुजफ्फरपुर में मीनापुर के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी एनएच 77 स्थित धर्मपुर में भाजपा नेता मनोज बैठा की तेज रफ्तार बोलेरो ने सड़क के किनारे खड़े स्कूली बच्चों सहित 19 लोगों को रौंद दिया था. सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सभी घालों को इलाज के लिए एसकेएमसीएच ले आये, जहां चिकित्सकों ने नौ बच्चों को मृत घोषित कर दिया था.
भाजपा नेताओं के साथ तस्वीर वायरल होने पर किया गया पार्टी से निलंबित
मालूम हो कि मनोज बैठा का नाम सामने आने पर भाजपा नेताओं ने पार्टी नेता-कार्यकर्ता होने से पहले इनकार किया, हालांकि बाद में सोशल मीडिया में तस्वीर वायरल होने पर मनोज बैठा को पार्टी से निलंबित कर दिया गया. वहीं, घटना के तीन दिन बाद 27 फरवरी को भारत-नेपाल सीमा से पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया. मनोज बैठा के घायल होने के कारण उसे एसकेएमसीएच में भरती कराया गया, जहां से चिकित्सकों ने पीएमसीएच रेफर कर दिया था.
नौ बच्चों की हुई थी मौत
घटना में नौ स्कूली बच्चों की मौत हो गयी थी. इनमें मो वहीद की 10 वर्षीया बेटी शाहजहां खातून, मो शाहिद की बेटी सफीना खातून, अनवारुल हक की 10 वर्षीया बेटी नुसरत खातून, इस्लाम अंसारी का आठ वर्षीय बेटा सलमान अंसारी, मो वहीद की बेटी साजिया, इंद्रदेव सहनी की 12 वर्षीया बेटी नीता कुमारी, काशीनाथ सहनी की 12 साल की बेटी रचना कुमारी, गनौर सहनी की 12 साल की बेटी अनिशा और गगनदेव सहनी के 12 वर्षीय बेटे बिरजू कुमार शामिल थे.
