रमजान में रोशन हो रहे चौक-चौराहे

कुरान शरीफ की तिलावत में जुटे रहे रोजेदार इफ्तार के बाद नमाज व तरावीह में जुट रहे लोग मुजफ्फरपुर : रमजान का 17वां दिन लोगों ने अल्लाह की इबादत में बिताया. सुबह से शाम तक लोग पांचों वक्त के नमाज के साथ कुरान शरीफ की तिलावत में जुटे रहे. मसजिदों में नमाज के समय विशेष […]

कुरान शरीफ की तिलावत में जुटे रहे रोजेदार

इफ्तार के बाद नमाज व तरावीह में जुट रहे लोग
मुजफ्फरपुर : रमजान का 17वां दिन लोगों ने अल्लाह की इबादत में बिताया. सुबह से शाम तक लोग पांचों वक्त के नमाज के साथ कुरान शरीफ की तिलावत में जुटे रहे. मसजिदों में नमाज के समय विशेष भीड़ उमड़ी. चौक-चौराहों पर शाम होेते ही लोग जुटने लगे. शाम में लोगों ने तरावीह पढ़ी. रमजान को लेकर लोगों मे विशेष उत्साह देखने को मिल रहा था.
लोगों में ईद आने की खुशी तो थी तो रोजा खत्म होने का गम भी था. अल्लाह का पाक महीना रमजान में लोग सच्चाई व इमानदारी के अनुसार अपने आप को रखे हुए हैं. झूठ नहीं बोलना, किसी को धोखा नहीं देना जैसे नियमों को अपनाने वाले लोग चाहते हैं कि साल के 11 महीने भी ऐसे ही गुजारे.
गरीबपरवर देता है इंसान काे सीख
सब्र व इस्तकलाल के इस जारी माहे मुबारक में बराए रोजा सेहरी के लिए उठने से लेकर रात की तरावीह तक अगर कोई दिक्कत हो तो भी अहले इमान परेशान नहीं होते, रोजे के साथ ही गरीबों, मिसकीनों, यतीमों, बेवाओं की इमदाद में रोजादार खुशी महसूस करते हैं, और जकात फितरा और सदका देकर जान की हिफाजत और माल को पाक करते हैं. तिलावते कुाआन ‘शरीफ से लेकर नमाजे नफिल व तहज्जूद तक का नजारा यह बताता है कि साढे चौदह सौ साल से हर साल एक माह तक एक बंदा ए मोमिन इन सभी मरहलों से खुद को सिर्फ और सिर्फ इसलिए गुजारता है
कि पता नहीं अल्लाह को मेरे रोजे और रोजे के दौरान का कौन सा अमल पसंद आ जाए कि उसकी रहमत पुकार कर कहने लगे आ मेरे बंदे तेरा रोजा कबूल किया गया तू वाकई हमारा है, आ मेरी रहमत के शामयाने में पनाह ले ले़
– मौलाना जिया अहमद कादरी

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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