Muzaffarpur Nagar Nigam: मुजफ्फरपुर शहर में घर, जमीन या दुकान रखने वाले लोगों के लिए अहम खबर है. नगर निगम क्षेत्र की 55 सड़कों का दर्जा बदलने की तैयारी अंतिम चरण में है. अगर प्रस्ताव लागू हो जाता है तो कई इलाकों में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ सकता है और जमीन-मकान की रजिस्ट्री भी पहले से महंगी हो सकती है. नगर निगम की टीम सड़कों का सर्वे कर रही है और जल्द ही अंतिम रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी.
आखिर क्यों हो रहा है सड़कों का नया वर्गीकरण?
राज्य सरकार के निर्देश पर नगर निगम शहर की सड़कों का नए मानकों के अनुसार वर्गीकरण कर रहा है. इसके तहत सड़क की चौड़ाई, उस पर यातायात का दबाव, आसपास की व्यावसायिक गतिविधियां और भवनों के उपयोग का आकलन किया जा रहा है.
किसी सड़क के दोनों तरफ यदि तेजी से व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं या उसकी उपयोगिता पहले से ज्यादा हो गई है तो उसका दर्जा भी बदला जाएगा. इसी आधार पर संबंधित इलाके की जमीन और भवनों का मूल्यांकन तय होता है.
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12 प्रमुख सड़कें बन सकती हैं प्रधान सड़क
नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार शहर की 12 सड़कों को मुख्य सड़क श्रेणी से अपग्रेड कर ‘प्रधान सड़क’ बनाया जा सकता है. इन सड़कों की चौड़ाई 40 से 70 फीट के बीच बताई गई है.
प्रमुख सड़कों में मालीघाट चौक से कावेरी गैस एजेंसी चौक तक नाला गली, सोडा गोदाम रोड, गोला रोड, श्यामनंदन रोड, पीएनटी रोड, बेला रोड, रामबाग रोड, गौशाला रोड और खादी भंडार रोड समेत अन्य मार्ग शामिल हैं.
आम लोगों की जेब पर क्या होगा असर?
सड़क का दर्जा बढ़ने का सीधा असर उस इलाके की सरकारी जमीन दरों और कर निर्धारण पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार दो बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
- प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी हो सकती है.
- जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने पर अधिक शुल्क देना पड़ सकता है.
हालांकि नई दरें विभागीय मंजूरी के बाद ही लागू होंगी.
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पांच साल बाद बदलेगा टैक्स का आधार
नगर विकास एवं आवास विभाग ने उन नगर निकायों को वार्षिक किराया मूल्य (Annual Rental Value) की समीक्षा करने का निर्देश दिया है, जहां पांच साल या उससे अधिक समय पहले टैक्स निर्धारण किया गया था.
इसके तहत नगर निगम को प्रस्ताव सामान्य बोर्ड से पारित कर विभाग को भेजना होगा. इसके बाद मंजूरी मिलने पर नई व्यवस्था लागू की जाएगी.
अभी क्या चल रहा है?
नगर निगम की छह सदस्यीय टीम शहर की 55 सड़कों का भौतिक सत्यापन कर रही है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे सामान्य बोर्ड में रखा जाएगा. विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद नए वर्गीकरण को लागू किया जाएगा. ऐसे में आने वाले महीनों में शहर के कई इलाकों में रहने वाले लोगों को टैक्स और रजिस्ट्री शुल्क में बदलाव का असर देखने को मिल सकता है.
मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
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