आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्य आरंभ कर दिया गया है. इसको लेकर गुरुवार को तारापुर व संग्रामपुर में प्रशिक्षकों की टीम ने डिजिटल जनगणना के तहत मोबाइल ऐप के उपयोग, मकान नंबरिंग और डेटा प्रविष्टि की विशेष जानकारी दी गयी. यह भी कहा गया कि जनगणना के दौरान एक भी मकान की प्रवृष्टि छूटे न.
तारापुर प्रतिनिधि के अनुसार,
आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रखंड सभागार में प्रखंडस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता बीडीओ प्रशांत कुमार ने की. इस दौरान प्रशिक्षकों की टीम ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गयी. प्रशिक्षक अखिलेश कुमार ठाकुर, आदित्य आनंद, टीपू सुल्तान और राकेश राज ने प्रतिभागियों को डिजिटल जनगणना के तहत मोबाइल ऐप के उपयोग, मकान नंबरिंग और डेटा प्रविष्टि की विशेष ट्रेनिंग दी. बताया गया कि यह प्रशिक्षण तीन चरणों में आयोजित होगा. पहला चरण 16 से 18 अप्रैल, दूसरा चरण 19 से 21 अप्रैल और तीसरा चरण 22 से 24 अप्रैल तक चलेगा. पहले शिफ्ट में 78 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जानकारी दी गयी. ताकि मकान सूचीकरण और जनगणना का कार्य पूरी तरह सटीक और त्रुटिरहित तरीके से किया जा सके. बीडीओ ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है. इसमें सभी की भागीदारी जरूरी है. सभी लोग समय का पालन करते हुए पूरी ईमानदारी और टीम भावना के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करें. प्रथम चरण में मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य किया जायेगा, जिससे जनगणना कार्य को सफल बनाया जा सके.
संग्रामपुर प्रतिनिधि के अनुसार,
प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से पर्यवेक्षकों व प्रगणकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन बीडीओ सह चार्ज अधिकारी अनीश रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर बीडीओ ने कहा कि सभी कर्मी अपने दायित्वों का इमानदारीपूर्वक निर्वहन करें. प्रशिक्षण शिविर में कुल 41 प्रतिभागियों ने भाग लिया. पहले दिन के सत्र में जनगणना के प्रथम चरण, अर्थात मकान सूचीकरण से संबंधित जानकारी दी गयी. प्रशिक्षकों ने पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को उनके कार्यकाल, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली के बारे में समझाया. यह भी निर्देश दिया गया कि क्षेत्र में कोई भी मकान सूचीकरण से वंचित न रह जाये, इसका विशेष ध्यान रखा जाय. प्रशिक्षकों के रूप में नीलकंठ पंडित, सत्येन्द्र कुमार सिंह, सुमीत कुमार व प्रिंस कुमार प्रिंस ने प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया, जिससे वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से समझ सकें. यह प्रशिक्षण शिविर आगामी जनगणना प्रक्रिया को सुचारु व त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.