Tarapur Munger Camp: तारापुर, मुंगेर से संजय वर्मा की रिपोर्ट — बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह पंचायत मानिकपुर में आयोजित सहयोग शिविर में प्रशासनिक सख्ती और जनसुनवाई का बड़ा नजारा देखने को मिला. पंचायत भवन में लगे इस शिविर में मुंगेर के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. तारापुर प्रखंड की सभी पंचायतों से आए ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया.
जनसुनवाई में एक-एक शिकायत पर कार्रवाई
शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. खास बात यह रही कि ज्यादातर शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी हुई पाई गईं. भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और अंचल स्तर की समस्याओं को लेकर लोग लगातार अपनी शिकायतें रख रहे थे.
अवैध निर्माण पर डीएम की सख्ती
मानिकपुर पंचायत की एक पीड़ित महिला ने शिकायत की कि प्रशासन द्वारा रोक लगाने के बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी है. इस पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अवैध निर्माण कार्य को रोकने का आदेश दिया और मौके पर बुलडोजर कार्रवाई कर निर्माण हटाने के निर्देश दिए. इस सख्त रुख से शिविर में मौजूद लोगों के बीच प्रशासन की सक्रियता का संदेश गया.
राजस्व विभाग पर सबसे ज्यादा शिकायतें
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने अंचल कार्यालय और राजस्व कर्मियों के कामकाज पर सवाल उठाए. कई शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सीआई (अंचल निरीक्षक) उनकी बात नहीं सुनते और महीनों से आवेदन लंबित हैं. हालांकि जब जिलाधिकारी ने मौके पर कुछ लोगों से अधिकारियों की पहचान कराई, तो वे सही जानकारी नहीं दे पाए. इस पर डीएम ने संबंधित शिकायतकर्ताओं को भी फटकार लगाई और व्यवस्था सुधारने की बात कही.
ग्रामीणों को मिला समाधान का भरोसा
अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाएगा. प्रशासन ने कहा कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य गांव स्तर पर ही समस्याओं का निपटारा करना है ताकि लोगों को जिला कार्यालय तक न जाना पड़े.
