Shivam Kumar Murder Case : जमालपुर थाना क्षेत्र के खलासी मोहल्ला निवासी छात्र शिवम कुमार हत्याकांड में आरोपितों की एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आ गया. बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जमालपुर थाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.
पिता बोले, समय पर कार्रवाई होती तो बच सकती थी जान
मृतक के पिता बीरेंद्र बिंद ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया कि उनके पुत्र के लापता होने की सूचना समय रहते पुलिस को दे दी गई थी. उनका कहना है कि मोबाइल की लोकेशन मिलने के बावजूद पुलिस ने तत्काल पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया. उनका दावा है कि यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई होती तो संभवतः उनके पुत्र की जान बचाई जा सकती थी. परिजनों के अनुसार, 15 जुलाई की रात से ही वे लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन शुरुआती स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.
मोबाइल और चप्पल मिलने के बाद चला था तलाश अभियान
परिजनों के अनुसार बाद में गंगा पुल के समीप शिवम की चप्पल और मोबाइल बरामद हुआ, जिसके बाद एनडीआरएफ की सहायता से गंगा में तलाश अभियान चलाया गया. इसके बाद मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीताकुंड डीह घाट के पास गंगा नदी से शिवम का शव बरामद किया गया. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई में देरी से पुलिस जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो घटना को रोका जा सकता था. परिजनों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और मामले में यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की. वहीं पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से आवेदन प्राप्त कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया.
