बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान

बारिश व ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान

जिलाधिकारी ने फसल नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए

कृषि विभाग ने किसानों के लिए मौसम व बुआई-कटाई संबंधी एडवाइजरी जारी की

मुंगेर. शुक्रवार की शाम अचानक हुई आंधी, बारिश व ओलावृष्टि के कारण जिले भर में रबी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है. इस आपदा से किसानों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने प्रभावित फसलों के लिए मुआवजे की मांग की है. जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कहा कि जिले भर में फसल क्षति का आकलन कराया जाएगा. प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पंचायतवार जांच की जाएगी. उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को फसल क्षति का आकलन कराने और रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया कि 21 से 25 मार्च के बीच आकाश में बादल छाए रह सकते हैं, और 22 मार्च तक जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक व 30 से 40 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.

एडवाइजरी में बुआई व कटाई के लिए सुझाव भी दिए गए हैं. गरमा मूंग व उरद की बुआई खेत की तैयारी आसमान साफ रहने पर ही करने की सलाह दी गयी है. बसंतकालीन मक्का की बुआई भी इसी आधार पर करने को कहा गया है. अरहर की फसल में फल छेदक कीट की निगरानी करने तथा प्रकोप रोकने के लिए हाइड्रोक्लोराइड 1.5 मिली लीटर प्रति लीटर पानी के घोल का छिड़काव करने की सलाह दी गयी है. आम के बागों में मंजर पूरी तरह आ चुका है, इसलिए फल के मटर के दाने के बराबर होने तक किसी भी कृषि रसायन का प्रयोग न करने व विकृत मंजर को बगीचे से बाहर निकालकर जलाने या जमीन में गाड़ने की सलाह दी गई है.

हवेली खड़गपुर प्रतिनिधि के

अनुसार,

आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में लगी गेहूं, मकई, चना, मसूर व तिलहन की फसलें बारिश व आंधी से बुरी तरह भींग गई हैं. कई इलाकों में आम के बगीचों में मंजर को नुकसान पहुंचा है. किसानों ने विभाग से फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है. बारिश व जलभराव के कारण ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आवागमन भी मुश्किल हो गया है. नगर क्षेत्र के मुख्य बाजार, सब्जी मार्केट और कंटिया बाजार से मुलुकटांड़ मार्ग पर जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे नागरिकों को आवाजाही में कठिनाई हो रही है.

असरगंज प्रतिनिधि के अनुसार,

दो दिनों से लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है व गेहूं व दलहन की तैयार फसलें बर्बादी के कगार पर हैं. किसानों का कहना है कि यदि बारिश जल्दी नहीं रुकी तो फसलें पूरी तरह खराब हो सकती हैं. इससे दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूरों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है और बाजार में सन्नाटा छा गया है.

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By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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