गौ की रक्षा करना मतलब पृथ्वी की रक्षा करने के बराबर है : साध्वी भक्ति श्री

पेड़ लगाने से ज्यादा देशी गोवंश बचाना जरूरी है. हालांकि पेड़ लगाना भी पर्यावरण के लिए जरूरी है.

बरियारपुर ————————– वृंदावन धाम के साधु-संत द्वारा प्रारंभ हुआ गौ सम्मान आह्वान अभियान रथ देश के सभी राज्यों में भ्रमण कर रही है. इस अभियान रथ में शामिल साध्वी भक्ति श्री गुरुवार को बरियारपुर के फुलकिया कल्याणपुर पहुंची. जहां समाजसेवी रजनीश कुमार चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा रथ का स्वागत किया गया. मौके पर सांस्कृतिक अध्यापिका सह कथावाचिका साध्वी आचार्या भक्ति श्री ने कहा कि देश में अब 14 करोड़ देशी गोविंद ही बचे हुए हैं. जिसे अगर नहीं बचाया गया तो देशी गोवंश विलुप्त हो जायेंगे. जब गोवंश नहीं रहेगा तो पृथ्वी नष्ट हो जाएगी. देसी गौ की रक्षा मतलब पृथ्वी की रक्षा है. पेड़ लगाने से ज्यादा देशी गोवंश बचाना जरूरी है. हालांकि पेड़ लगाना भी पर्यावरण के लिए जरूरी है. देशी गाय के गोबर व गोमूत्र दोनो लाभकारी हैं. उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौमाता की सुरक्षा के लिए गोहत्या पूर्णतः समाप्त हो. गौमाता के सम्मान में गौमाता को राष्ट्र माता, राष्ट्र देव, राष्ट्र आराध्य व राष्ट्र धरोहर का पद प्रदान हो. इसके लिए केन्द्रीय कानून लागू हो और गौ सेवा मंत्रालय बने. इसके लिए एक लाख हस्ताक्षर व 10 हजार प्रार्थना पत्र पहले एसडीएम फिर डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री को दिया जायेगा. इस दौरान ग्रामीणों को देशी गोवंश से होने बाले लाभ के बारे में बताया गया. मौके पर रजनीश चौधरी, विकास झा, उत्तम कुमार, मोहित आजाद, वरूण कुमार, राजा चौधरी, बाबू साहब, वल्लभ कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

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Published by: Anand kumar

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