बदहाल सफाई व्यवस्था के बीच होल्डिंग टैक्स जमा करने का दबाव

मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और लोगों को डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का भय सताने लगा है.

नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था बदहाल, कचरे के ढेर से बढ़ा मच्छरों का खतरा

संग्रामपुर

नगर पंचायत, संग्रामपुर में इन दिनों साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है. कारण, फरवरी माह से नगर पंचायत द्वारा ही सफाई कार्य कराया जा रहा है. जबकि जनवरी 2026 तक सफाई एजेंसी के माध्यम से नगर क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई की जा रही थी. लेकिन सफाई कार्य में लापरवाही बरते जाने के कारण सफाई एजेंसी को हटा दिया गया और विभागीय स्तर पर सफाई का कार्य किया जाने लगा. ऐसे में सफाई व्यवस्था चरमरा गई और जहां-तहां कूड़ा-कचरा का अंबार लगा हुआ है.

एजेंसी के हटते ही सफाई व्यवस्था चरमराई

स्थानीय लोगों का कहना है कि जबतक एजेंसी के माध्यम से सफाई कार्य होता था, तब तक नियमित रूप से सड़कों की सफाई के साथ-साथ ब्लीचिंग पाउडर और चूने का छिड़काव भी होता रहा. लेकिन अब न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव. गर्मी के प्रारंभ होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और लोगों को डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का भय सताने लगा है. नगर क्षेत्र के कई वार्डों में मुख्य सड़कों की कभी-कभार सफाई कर दी जाती है. लेकिन गलियों में सफाईकर्मी नहीं आते हैं. स्थिति यह है कि कई जगहों पर सड़क किनारे कचरे के ढेर जमा है, जिनका लंबे समय तक उठाव नहीं होने से दुर्गंध देने लगा है और लोगों को आवागमन करने में परेशानी हो रही है. सफाई कर्मियों का कहना है कि एक वार्ड में केवल एक सफाई कर्मी तैनात होने के कारण नियमित सफाई संभव नहीं हो पाती. एक वार्ड में कम से कम चार से पांच सफाई कर्मियों की जरूरत है. तभी नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी.

बदहाल सफाई व्यवस्था के बीच होल्डिंग टैक्स जमा करने का दबाव

नगर पंचायत द्वारा लोगों को माइकिंग के माध्यम से होल्डिंग टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. लेकिन सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर नगरवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. स्थानीय निवासी सुधीर कुमार शाह, शंकर कुमार, सोल्जर कुमार और मुकेश कुमार सहित कई लोगों ने बताया कि कई मोहल्लों में 15 से 20 दिनों में एक बार ही सफाई कर्मी दिखाई देते हैं. जिससे लोगों को खुद ही सफाई करनी पड़ती है. इसके अलावा नगर पंचायत में अबतक कचरा प्रबंधन के लिए स्थायी स्थल भी चिन्हित नहीं किया गया है. जिसके कारण घरों और गलियों से निकलने वाला कचरा बेलहरनी नदी, नहर, बांध और सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग के किनारे फेंका जा रहा है.

कहते हैं

अधिकारी

कार्यपालक पदाधिकारी रवि शंकर सिंह ने बताया कि अभी कोई भी सफाई एजेंसी को बहाल नहीं किया गया है. टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है. फिलहाल विभाग द्वारा साफ-सफाई कराया जा रहा है.

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By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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