11 जनवरी को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर लगायें मेगा शिविर : डीएम

जिले में 10 फरवरी से आरंभ हो रहे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने जिला स्तरीय सामान्य समिति की बैठक की.

मुंगेर. जिले में 10 फरवरी से आरंभ हो रहे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने जिला स्तरीय सामान्य समिति की बैठक की. जहां फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 फरवरी से 17 दिनों तक चलाये जाने वाले मास ड्रग एडमिनेस्ट्रेशन (एमडीए) की सफलता को लेकर चर्चा की गयी. इस दौरान डीएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने का निर्देश दिया. साथ ही इसके लिये 11 फरवरी को विशेष मेगा शिविर लगाने का निर्देश दिया.

डीएम ने कहा कि पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (जन वितरण प्रणाली) के अंतर्गत आने वाले सभी लाभार्थियों को एमडीए की दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाये. साथ ही नगर निगम के पदाधिकारियों व कर्मियों को इस कार्य में सक्रिय रूप से लगायें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रह जाये. उन्होंने निर्देश दिया गया कि सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों को एमडीए कार्यक्रम के संबंध में सेंसिटाइज करें, ताकि वे विद्यार्थियों व अभिभावकों के माध्यम से समुदाय में जागरूकता फैलाने में सहयोग कर सकें. इसके अतिरिक्त जीविका के सहयोग से समुदाय स्तर पर जनजागरूकता व दवा सेवन सुनिश्चित करें. डीएम ने कहा कि इसके लिये 11 फरवरी 2026 को विशेष मेगा कैंप का आयोजन किया जायेगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग एमडीए की दवा का सेवन कर सकें और शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हो सके.

जिले में 14.36 लाख लोगों को खिलायी जायेगी दवा

सीएस डॉ राजू ने बताया कि जिले में 10 फरवरी से 17 दिनों तक फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन चलेगा. इस दौरान आशा, सेविका या वॉलियेंटरों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को अल्बेंडाजोल और डाइएथिलकार्बामाजीन की दवा खिलायेंगे. इसमें 2 से 5 वर्ष से कम आयु, 5 से 15 आयु वर्ग से कम तथा 15 आयु वर्ग से ऊपर के लोगों को निर्धारित डोज खिलायी जानी है, जबकि अभियान के दौरान 2 साल से कम आयु के बच्चे, गर्भवती तथा गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को यह दवा नहीं खिलायी जानी है. साथ ही जिन लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलायी जानी है. उसे खाली पेट दवा नहीं खिलाना है. डीपीएम ने बताया कि इस अभियान के दौरान जिले में कुल 14 लाख 36 हजार 984 लाभुकों को दवा खिलायी जानी है. जिसके लिये कुल 760 टीम, 1,119 आशा, 201 सेविका, 200 वालियेंटर को लगाया गया है. मौके पर डीवीबीडीसीओ डॉ रामप्रवेश, डॉ ध्रुव कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ फैजुद्दीन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक फैजान आलम अशरफी, आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आदि मौजूद थे.

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Author: AMIT JHA

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