मुख्य बातें:
जमालपुर (मुंगेर) से विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
Munger Muharram Tajia Pehlam: मुंगेर जिले के जमालपुर मुख्य शहर और आसपास के क्षेत्रों में मुहर्रम का त्योहार शांतिपूर्ण, अगाध आस्था और आपसी सामाजिक सद्भाव के माहौल में संपन्न हो गया. शुक्रवार की पूरी रात जमालपुर थाना क्षेत्र के सदर बाजार इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रौनक बनी रही. क्षेत्र में स्थापित सभी चार मुख्य अखाड़ों की ओर से आकर्षक ताजिया की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य संप्रदायों के प्रबुद्ध नागरिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर गंगा-जमुनी तहजीब का नजारा पेश किया. शनिवार की सुबह सभी ताजिया सिपल को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दौलतपुर स्थित कब्रगाह के समीप पहलाम (विसर्जित) कर दिया गया.
बाइक पर एसडीपीओ ने संभाली कमान; सामाजिक सौहार्द का सजा मंच
- प्रशासनिक सतर्कता: ताजिया की मुख्य शोभायात्रा शुक्रवार रात करीब 10:00 बजे के बाद शुरू हुई. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सदर एसडीपीओ (SDPO) अभिषेक आनंद खुद क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर पूरी रात जमालपुर शहर की सड़कों और संवेदनशील मोड़ों का मुआयना करते रहे.
- एकता का संदेश: केंद्रीय प्रतिमा विसर्जन समिति द्वारा सदर बाजार फाड़ी के पास एक मुख्य स्वागत मंच का निर्माण किया गया था, जिसका उद्घाटन नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विजयशील गौतम, अंचल अधिकारी (CO) राकेश कुमार और एसडीपीओ ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया. इस मंच पर मुख्य पार्षद पार्वती देवी, सामाजिक कार्यकर्ता राजन मंडल और विभिन्न राजनीतिक दलों (आरएसएस, भाजपा, राजद, कांग्रेस) के शीर्ष स्थानीय नेता एक साथ उपस्थित रहे, जिससे शहर में शांति व्यवस्था को बल मिला.
- पगड़ी पहनाकर सम्मान: मुख्य अखाड़ा संख्या एक पर पहुंचने पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों द्वारा मुख्य पार्षद पार्वती देवी और राजन मंडल को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया.
वीर अब्दुल हमीद की झांकी रही आकर्षण का केंद्र; युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
मध्य रात्रि के बाद जैसे-जैसे कारवां आगे बढ़ा, सदर बाजार की सतरंगी रोशनी में ताजिया की खूबसूरती देखते ही बन रही थी:
शोभायात्रा में शामिल सभी चार ताजिया सिपल को छोटे-छोटे रंग-बिरंगे एलईई (LED) बल्बों से सजे ट्रालियों पर रखा गया था. इस दौरान अखाड़ा संख्या चार द्वारा प्रस्तुत की गई भारत के वीर सपूत परमवीर चक्र विजेता ‘वीर अब्दुल हमीद’ के साहस, शौर्य और बलिदान को दर्शाती सजीव झांकी ने सड़क के दोनों ओर खड़े हजारों दर्शकों को भावविभोर कर दिया. इसके साथ ही अखाड़े के युवाओं ने लाठी, भाला और तलवारबाजी के पारंपरिक युद्ध कौशल के कई हैरतअंगेज करतब दिखाए, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे.
Munger Muharram Tajia Pehlam: जुबली वेल के रास्ते दौलतपुर कब्रिस्तान पहुंचा कारवां
पूरी रात शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए और पारंपरिक ‘या हुसैन’ के नारों के साथ ताजिया सिपल की यह ऐतिहासिक शोभायात्रा ऐतिहासिक जुबली वेल चौक से होकर शनिवार सुबह-सुबह दौलतपुर स्थित मुख्य कब्रिस्तान पहुंची.
वहां पूर्व से निर्धारित धार्मिक रीति-रिवाजों और नमाज-ए-जनाजा की दुआओं के बाद नम आंखों से ताजिया का पहलाम किया गया. शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जमालपुर थाना पुलिस ने राहत की सांस ली है और विसर्जन समिति के सदस्यों सहित आम शहरवासियों के प्रति प्रशासनिक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है.
