मुंगेर मंडी में गेहूं से लेकर सरसों तेल तक कीमत स्थिर, लेकिन जल्द बढ़ सकते हैं दाम

Munger Mandi Bhav Today: मुंगेर मंडी में अभी राहत, लेकिन पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही अनाज और दालों के भाव में आ सकती है तेजी

Munger Mandi Bhav Today: मुंगेर मंडी में रविवार को खाद्यान्न, दलहन और तिलहन के भाव में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला. मंडी में गेहूं, चावल, दाल और सरसों तेल समेत लगभग सभी जरूरी खाद्य सामग्रियों के दाम स्थिर रहे. कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार संतुलित है, लेकिन आने वाले चार से पांच दिनों में कीमतों में तेजी आ सकती है.

अभी स्थिर है बाजार, लेकिन बढ़ सकती है महंगाई

मंडी कारोबारियों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम का असर जल्द ही अनाज बाजार पर दिखाई दे सकता है. बाहर से आने वाले कच्चे अनाज और अन्य खाद्य सामग्री के परिवहन खर्च में बढ़ोतरी होने की संभावना है. इसका सीधा असर मंडी दरों पर पड़ सकता है.

व्यापारियों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई तो गेहूं, चावल, दाल और तेल की कीमतों में भी उछाल आ सकता है. फिलहाल ग्राहकों को स्थिर कीमतों का फायदा मिल रहा है.

गेहूं, चावल और दाल के दाम कैसे रहे

रविवार को मंडी में गेहूं का अधिकतम भाव 2700 रुपये और न्यूनतम भाव 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहा. मक्का 1900 से 2000 रुपये के बीच बिकता रहा. चावल मंसूरी का रेट 3200 से 3400 रुपये तक रहा, जबकि अरवा मोटा चावल 3050 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका.

बासमती चावल का भाव सबसे ज्यादा रहा. इसका अधिकतम रेट 13000 रुपये और न्यूनतम 12000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.

दलहन की बात करें तो मसूर दाल 7500 से 8000 रुपये, मूंग दाल 11000 से 12000 रुपये और अरहर दाल 9000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी.

सरसों तेल और चना के भाव भी स्थिर

मंडी में काला सरसों 6900 से 7200 रुपये और पीला सरसों 7200 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका. वहीं 15 लीटर टिन वाला सरसों तेल 2070 से 2470 रुपये के बीच रहा.

कारोबारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बाजार का रुख पूरी तरह परिवहन लागत और मौसम पर निर्भर करेगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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