गंगा के रौद्र रूप ने मुंगेर जिले में तबाही मचा दी है. गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण जिले की 35 पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे 3.55 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है. दियारा क्षेत्र में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. कल तक जहां ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में पहुंचकर शरण ले रहे हैं.
मुंगेर सदर और बरियारपुर की सभी पंचायतें प्रभावित
बाढ़ का सबसे अधिक असर मुंगेर सदर और बरियारपुर प्रखंड में देखने को मिल रहा है. दोनों प्रखंडों की सभी 22 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं. गांवों में पानी फैलने से लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पेयजल और सुरक्षित ठिकाने की समस्या खड़ी हो गई है. कई इलाकों में घरों के आसपास और सड़कों पर पानी जमा होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.
गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा में घुसा पानी
बाढ़ का पानी अब शहर के कई हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले चुका है. गीताबाबू रोड और लाल दरवाजा इलाके में पानी भर जाने के कारण श्रीकृष्ण सेतु से मुंगेर शहर में प्रवेश का मार्ग बंद हो गया है. इससे शहर में आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सीताकुंड रोड का संपर्क मार्ग डूबा
सदर प्रखंड में सीताकुंड रोड को एनएच-80 से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर भी बाढ़ का पानी आ गया है. इसके कारण इस मार्ग पर परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. संपर्क मार्गों के डूबने से ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य सड़क से संपर्क प्रभावित होने लगा है और लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.
ये भी पढ़ें : बिहार बाढ़ अलर्ट: खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा, 11 जिलों में 19.57 लाख लोग प्रभावित
