मुंगेर के 18 नये डिग्री कॉलेजों में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति पर फिर मचा बवाल

Munger News : पांच जिलों के 18 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय ने नई अधिसूचना जारी कर दी है. पहले जारी सूची पर हुए विरोध और कर्मचारी संघ के आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संशोधित सूची जारी की है. अब नयी प्रतिनियुक्ति को लेकर विश्वविद्यालय परिसर से लेकर कॉलेजों तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.

मुंगेर से अमित झा की रिपोर्ट : मुंगेर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में सरकार द्वारा शुरू किए गए 18 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के संचालन को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन कॉलेजों में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर नई अधिसूचना जारी कर दी है. इसके साथ ही सभी नए कॉलेजों के लिए बर्सर की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गयी है.

पहली सूची पर उठा था विवाद

दरअसल, एक सप्ताह पहले विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी 18 नए कॉलेजों के लिए प्रभारी प्राचार्यों के साथ शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति सूची जारी की गई थी. लेकिन सूची सामने आने के बाद कई तरह की विसंगतियों और अनियमितताओं के आरोप लगने लगे. विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ ने इसे लेकर खुलकर विरोध जताया और आंदोलन शुरू कर दिया था.

कर्मचारी संघ के आंदोलन से बढ़ा दबाव

कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि प्रतिनियुक्ति सूची तैयार करने में पारदर्शिता नहीं बरती गई. कई कर्मियों की वरीयता और सुविधा की अनदेखी की गई, जबकि कुछ नामों को नियमों से हटकर शामिल किया गया. आंदोलन तेज होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ा और अंततः कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति पर अस्थायी रोक लगा दी गई.

नई सूची के बाद फिर शुरू होगी योगदान प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, आंदोलन के दौरान शिक्षकेत्तर कर्मचारी नेताओं ने अपने स्तर से भी एक नई सूची तैयार की थी और विश्वविद्यालय प्रशासन को सुझाव सौंपा था. इसके बाद विश्वविद्यालय ने पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए संशोधित अधिसूचना जारी की है. नई सूची जारी होने के बाद अब संबंधित कर्मियों को नए कॉलेजों में योगदान देने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.

नये कॉलेजों में जल्द शुरू होगा शैक्षणिक कार्य

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नए कॉलेजों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य जल्द शुरू कराने के उद्देश्य से प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है. सरकार की योजना के तहत खोले गए इन कॉलेजों में नामांकन और पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्राथमिकता है.

नयी अधिसूचना के बाद भी चर्चाएं जारी

हालांकि नई अधिसूचना जारी होने के बाद भी विश्वविद्यालय परिसर में चर्चाएं थमी नहीं हैं. कई कर्मचारी अब भी प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और संतुलन की मांग कर रहे हैं. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कर्मचारी संघ की अगली रणनीति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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