Shani Mandir: मुंगेर जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र से धार्मिक आस्था की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है. सनातन धर्म में शनिवार का दिन न्याय और कर्मफल के देवता भगवान शनिदेव की आराधना के लिए सर्वोपरि माना जाता है. इसी कड़ी में, मुंगेर शहर के बीचों-बीच स्थित बेकापुर मयूर चौक के समीप स्थापित भगवान शनिदेव का भव्य मंदिर इन दिनों स्थानीय नागरिकों और सुदूर क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की अगाध आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. शनिवार को यहाँ सुबह से ही भगवान शनिदेव के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष भक्तों का तांता लगा रहा.
सबके साथ एकसमान न्याय करते हैं शनिदेव, मंदिर में लगी लंबी कतारें
मंदिर परिसर में मौजूद पुरोहितों और प्रबुद्ध जनों ने बताया कि शनिदेव क्रूर नहीं, बल्कि न्याय के देवता हैं, जो मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार पूरी तरह निष्पक्ष और एकसमान फल (न्याय) देते हैं. इसी विश्वास के साथ शनिवार की सुबह से ही भक्त मंदिर परिसर में जुटने लगे थे. श्रद्धालुओं ने शनिदेव के विग्रह पर सरसों का तेल, काला कपड़ा, नीले फूल, शमी पत्र और काला तिल चढ़ाकर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या व अन्य ग्रहों के दोषों से मुक्ति की प्रार्थना की. भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी के वालंटियर्स द्वारा सुरक्षा और कतार की पुख्ता व्यवस्था की गई थी.
संध्या 7 बजे हुई भव्य महाआरती, घंटियों की गूंज से भक्तिमय हुआ इलाका
धार्मिक माहौल: वैसे तो मयूर चौक स्थित इस पावन शनि मंदिर में प्रतिदिन सुबह-शाम आम श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा-अर्चना के लिए पहुंचती है, लेकिन शनिवार को यहाँ का नजारा पूरी तरह अलौकिक होता है.
शनिवार की शाम ठीक 07:00 बजे मंदिर में विशेष महाआरती और महापूजन का आयोजन किया गया. इस दौरान विशेष शृंगार के बाद जैसे ही महाआरती शुरू हुई, पूरा बेकापुर और मयूर चौक का इलाका शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और मंदिर की घंटियों की सुरीली आवाज से गूंज उठा. इस भव्य आरती ने पूरे क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय और आध्यात्मिक बना दिया. आरती के समापन के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच मुख्य कमिटी द्वारा विशेष महाप्रसाद का वितरण किया गया. स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने बताया कि शनिवार को इस मंदिर की आभा देखते ही बनती है, जिससे पूरे बाजार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
