मुंगेर, जमालपुर. गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद अब इसका असर रेल परिचालन पर भी दिखने लगा है. मालदा रेल मंडल के जमालपुर-भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड पर कई स्थानों पर बाढ़ का पानी रेल पटरी के काफी करीब पहुंच गया है. स्थिति को देखते हुए रेल प्रबंधन अलर्ट मोड पर है. जमालपुर से घोघा तक पांच संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां ट्रेनों की रफ्तार नियंत्रित कर दी गयी है.
पांच स्थानों पर बाढ़ के पानी का दबाव
मालदा रेल मंडल के अनुसार जमालपुर-भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड पर पांच स्थानों को संवेदनशील चिह्नित किया गया है. हालांकि इन स्थानों पर अभी बाढ़ का पानी रेल पटरी तक नहीं पहुंचा है, लेकिन पानी के काफी करीब आ जाने से रेल परिचालन में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए वरीय अधिकारियों की ओर से संवेदनशील स्थलों की लगातार पेट्रोलिंग करायी जा रही है. पानी के दबाव वाले क्षेत्रों में चौकीदार स्तर पर निगरानी रखी जा रही है. इसके अलावा सेक्शनल अधिकारी इंजन से नियमित निरीक्षण कर रेल पटरी और आसपास की स्थिति पर नजर रख रहे हैं.
रतनपुर-बरियारपुर के बीच भी निगरानी
मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार रतनपुर से बरियारपुर के बीच किलोमीटर संख्या 350/34 से 349/24 तक के क्षेत्र को संवेदनशील चिह्नित किया गया है. यहां बाढ़ का पानी रेल पटरी के अपेक्षाकृत करीब पहुंच गया है. इसके अलावा सुल्तानगंज से कल्याणपुर के बीच किलोमीटर संख्या 341/34 से 340/14 तक के हिस्से में भी पानी के दबाव को देखते हुए निगरानी बढ़ायी गयी है.
एकचारी-कहलगांव और सबौर-लैलख के बीच भी दबाव
एकचारी और कहलगांव रेलवे स्टेशनों के बीच किलोमीटर संख्या 276/34 से 276/30 तक बाढ़ के पानी का दबाव बना हुआ है. वहीं सबौर से लैलख ममलखा के बीच किलोमीटर संख्या 295/16 से 295/14 तक के हिस्से को भी संवेदनशील माना गया है. एकचारी और घोघा रेलवे स्टेशनों के बीच किलोमीटर संख्या 283/8 से 283/2 तक भी बाढ़ का पानी रेल पटरी के काफी करीब पहुंच गया है. इन सभी स्थानों पर रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है.
110 की जगह 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
बाढ़ के पानी के दबाव के कारण संवेदनशील स्थानों पर ट्रेनों की रफ्तार को नियंत्रित कर दिया गया है. सामान्य स्थिति में इस रेलखंड पर ट्रेनें करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं. लेकिन संवेदनशील स्थानों पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की गति भी 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया है. लोको पायलटों को संबंधित संवेदनशील स्थलों की जानकारी देते हुए आवश्यक प्रिकॉशन दिया जा रहा है, ताकि बाढ़ की स्थिति के बीच रेल परिचालन में किसी तरह की लापरवाही न हो.
पिछले साल प्रभावित स्थानों पर विशेष चौकसी
रेल प्रबंधन की ओर से उन स्थानों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, जहां पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान पानी पहुंच गया था. अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और बढ़ायी गयी है. फिलहाल रेल पटरी को सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने पर गति प्रतिबंध या अन्य सुरक्षा उपायों में बदलाव किया जा सकता है.
