इरिमी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, 30 अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने लिया हिस्सा

भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी), जमालपुर में 30 अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. इसमें रेलकर्मियों को पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, और कचरा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नवीनतम ज्ञान और व्यवहारिक कौशल प्रदान किए गए.

Jamalpur IRIMEE Training: जमालपुर (मुंगेर). भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी), जमालपुर में आयोजित पांच दिवसीय 26-एमईएनएचएम-2 एवं 26-एमएफआरटी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह संपन्न हुआ. प्रशिक्षण में भारतीय रेल के विभिन्न क्षेत्रीय रेलों से नामित कुल 30 अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और स्वास्थ्य निरीक्षकों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य रेलकर्मियों को पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के सतत उपयोग और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों से संबंधित अद्यतन ज्ञान एवं व्यवहारिक कौशल प्रदान करना था.

टेंडर और अनुबंध प्रबंधन की दी गई जानकारी

एमईएनएचएम-2 प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को टेंडर एवं कांट्रैक्ट मैनेजमेंट के तहत निविदा प्रक्रिया, अनुबंध प्रबंधन, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण में बताया गया कि निविदा एवं अनुबंध प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता रेलवे की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है.

जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान इंडियन रेलवे में वाटर कंजर्वेशन विषय पर भी विस्तृत जानकारी दी गई. इसमें जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल उपयोग की दक्षता बढ़ाने तथा जल संसाधनों के सतत प्रबंधन से जुड़े उपायों पर चर्चा की गई. प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर जल संरक्षण की प्रभावी तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.

सॉलिड, प्लास्टिक और ई-वेस्ट प्रबंधन का प्रशिक्षण

कार्यक्रम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और ई-वेस्ट मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किए. प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक में कमी, प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन की जानकारी दी गई.

कूड़ेदान के रंगों की उपयोगिता भी बताई

कचरा प्रबंधन के तहत अलग-अलग रंगों के कूड़ेदान के उपयोग और उनके माध्यम से कचरे के पृथक्करण की जानकारी भी दी गई. इसके अलावा स्वच्छता एवं हाउसकीपिंग के आधुनिक मानकों, सुरक्षा, कार्यस्थल पर सतत विकास की अवधारणा और भारतीय रेल में हरित पहल से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.

प्रशिक्षण से मिले ज्ञान को कार्यस्थल पर लागू करने का आह्वान

समापन समारोह में संकाय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य प्रेम प्रकाश ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय रेल में पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सतत उपयोग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है. उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, ठोस, प्लास्टिक एवं ई-वेस्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन तथा निविदा एवं अनुबंध प्रक्रियाओं में पारदर्शिता रेलवे की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के प्रमुख आधार हैं.

उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और सर्वोत्तम कार्य पद्धतियों को अपने-अपने कार्यस्थलों पर लागू करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय रेल की स्वच्छ, हरित और सतत विकास की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी.

अधिकारी और प्रशिक्षक रहे मौजूद

Jamalpur IRIMEE Training: समापन कार्यक्रम में वरिष्ठ आचार्य डब्ल्यूएमटी, कोर्स डायरेक्टर सुशरण तिरु, कोर्स काउंसलर एबी वाखला, परियोजना आचार्य अयूब खान, आचार्य प्रशासन सिटी चंद्रशेखर, आचार्य (सी एंड आईटी) सिद्धार्थ शंकर, अतुल कुमार गौरव और सुरेश चंद्र बैरवा सहित संस्थान के अधिकारी एवं प्रशिक्षक मौजूद रहे.


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लेखक के बारे में

By विजय कुमार गुप्ता

विजय कुमार गुप्ता 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ये सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक नब्ज को करीब से समझते हैं. इन्हें डिजिटल मीडिया में नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल के साथ प्रयोग करना बेहद पसंद है.

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