संस्था अबतक 487 अज्ञात व लावारिस शवों का विधिवत करा चुकी है अंतिम संस्कार मुंगेर. लावारिस शवों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार करने वाली संस्था शाश्वत संस्कार का 12वां स्थापना दिवस सदर अस्पताल के मुख्य द्वार स्थित मंदिर में पूजा-हवन किया गया. आचार्य अनिल शास्त्री व महंत देवनायक दास के साथ मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुआ. मौके पर शांति भोज का भी आयोजन किया गया. शाश्वत संस्कार के अध्यक्ष संजय केशरी ने बताया कि 1 मार्च 2014 को स्थापित शाश्वत संस्कार द्वारा अब तक 487 लावारिस व अत्यंत निर्धन परिजनों के शवों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जा चुका है. पहले लावारिस शवों के साथ-साथ निर्धन परिवार के शवों को गंगा नदी में फेंक दिया जाता था. जिससे एक तरफ उन मृतात्माओं को मुक्ति नहीं मिल पाती थी, तो दूसरी तरफ गंगा जी भी प्रदूषित होती थी. जिसको लेकर शाश्वत संस्कार का गठन किया गया. जो तब से लेकर अब तक लावारिस शवों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने का अभियान चला रही है. महासचिव अधिवक्ता समीष कुमार वर्मा ने बताया कि शाश्वत संस्कार का ट्रस्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन करा लिया गया है और अब हमलोग पूरे बिहार में इसका विस्तार करने जा रहे हैं. कोषाध्यक्ष अमरनाथ प्रसाद ललन ने कहा कि हमने लगातार अपने करीबी लोगो से प्राप्त सहयोग राशि से शाश्वत संस्कार के खर्चों का वहन किया है. लेकिन अब असंख्य लोग शाश्वत संस्कार से जुड़कर अपना योगदान देने के लिए सामने आ रहे हैं. शांति भोज में लगभग तीन सौ दरिद्र-नारायण के साथ-साथ अन्य कई लोगों ने भाग लिया. मौके पर उपाध्यक्ष अजय भगत, शुभम गुप्ता, प्रकाश कुमार सिन्हा, मुकेश गुप्ता, डिक्की सिंह, प्रह्लाद सिंह, अरुण यादव, ब्रजेश कुमार, दयानंद यादव, लक्ष्मी मीरा शर्मा, संयुक्ता सिंह चौहान सहित अन्य मौजूद थे.
शाश्वत संस्कार के 12वां स्थापना दिवस पर हवन व शांति भोज
लावारिस शवों का विधिपूर्वक अंतिम संस्कार करने वाली संस्था शाश्वत संस्कार का 12वां स्थापना दिवस सदर अस्पताल के मुख्य द्वार स्थित मंदिर में पूजा-हवन किया गया
