डीईओ के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज, 28 नामजद, 22 गिरफ्तार

बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा से पहले मुंगेर पुलिस की कार्रवाई से पूरे बिहार में खलबली मच गयी है.

एईडीओ परीक्षा फर्जीवाड़ा. पूरे बिहार में फैला है गिरोह का नेटवर्क व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था सुजल, जिसके माध्यम से मुंगेर से भेजी जानी थी साल्वर गैंग को प्रश्न पत्र मास्टर नाम व्यक्ति को ढूढ़ रही पुलिस, जिसकी बहन रोहतास में दे रही थी परीक्षा मुंगेर. बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा से पहले मुंगेर पुलिस की कार्रवाई से पूरे बिहार में खलबली मच गयी है. 22 गिरफ्तारी के बाद यह भी खुलासा हुआ कि पूरे बिहार में यह नेटवर्क फैला हुआ है. इसका कनेक्शन रोहतास जिला से जुड़ा हुआ है और मास्टर नामक व्यक्ति मुख्य साजिशकर्ता है. अब मुंगेर पुलिस गिरोह गिरोह के खुलासा करने में जुट गयी है. गिरफ्तार सुजल व अन्य ने पुलिस को बताया है कि इस परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए गैंग के मुख्य सरगना द्वारा 20 से 22 लाख में डील किया गया था. फर्जीवाड़ा गिरोह के उद्भेदन को लेकर डीईओ कुणाल गौरव के आवेदन पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसमें 28 लोगों नामजद किया गया है, जबकि अज्ञात को भी अभियुक्त बनाया गया है. इसमें गिरोह के सदस्य मुंगेर जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भगतचौकी निवासी सुजल कुमार, लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के बंगलवा निवाी प्रियांशु कुमार, पटना जिले के विक्रम थाना क्षेत्र के समीर कुमार, भागलपुर जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र के ओगरी निवासी प्रशांत कुमार उर्फ पीयूष कुमार शामिल है. अभ्यर्थी रौशनी कुमारी, ज्ञानेेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, चंदन कुमार, रौशन कुमार, विवेक रावत, गौरव कुमार नितम, सकलदीप दास, कुमारी मधु सहित अन्य शामिल है. बुधवार को सभी का सदर अस्पताल में मेडिकल जांच करायी गयी और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. सुजल के पास से मिला 20 एडमिट कार्ड व 19 पुर्जा सुजल के पास से पुलिस ने स्मार्ट फोन, आईपैड, लैपटॉप, प्रश्नों का उत्तर अंकित करने वाला कुल 19 पुर्जा का एक रोल बरामद किया है, जबकि एक टैब, बायोमैट्रीक ऑपरेटर एंड सुपरर वाइजर लिस्ट की दो प्रतियां, 20 एडमिट कार्ड की प्रति मिली. इसके बाद यह खुलासा हुआ सुजल एंड ग्रुप को मुंगेर में तय परीक्षार्थियों को अनुचित लाभ दिलाना था. मास्टर नामक युवक को ढूढ़ रही पुलिस गिरफ्तार सुजल ने बताया कि मास्टर नाम के व्यक्ति द्वारा उसे एक मुंगेर के व्हाट्सएप ग्रुप में एड किया था. इसी ग्रुप में मास्टर द्वारा ही 20 एडमिट कार्ड भेजा गया था. सभी का परीक्षा सेंटर मुंगेर था. परीक्षा के दौरान हमारे बायोमेट्रिक ऑपरेटर एंड सुपर वाइजर द्वाा परीक्षा के दौरान सही उत्तर बता कर अनुचित लाभ पहुंचाना था. जिस कार्य के लिए मास्टर नामक व्यक्ति द्वारा मुंगेर सोल्यूसन ग्रुप बनाया गया था. इसमें सही उत्तर बना कर मास्टर नामक व्यक्ति को डालना था और हमारे बायोमैट्रीक ऑपरेटर एंड सुपरवाइजर के माध्यम से सभी 20 परीक्षार्थियों को अनुचित लाभ देने के लिए ही उसे पैसा मिलने थे. बताया गया कि मास्टर नामक व्यक्ति की बहन का परीक्षा रोहतास जिला में था. पुलिस अब मास्टर नामक व्यक्ति को सुजल द्वारा बताये गये उसके मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ढूढ़ रही थी. जानिये, कैसे होना था गोरखधंधा गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हो रहे हैं, वह चौंकाने वाले हैं. पुलिस को पता लगा है कि कैसे इस गोरखधंधे का नेटवर्क किस तरीके से काम करता था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक परीक्षा में बायोमेट्रिक ऑपरेटर के लिए जयपुर के एजेंसी को काम दिया गया था. इसके नोडल विजय गुर्जर ने मुंगेर के अंबे चौक स्थित एके राठौर कोचिंग संचालक एवं उससे बायोमेट्रिक के लिए लड़के देने को कहा. उसने 128 लड़के उपलब्घ कराये. जिसे ट्रैनिंग भी दिया गया. उसने बताया कि परीक्षा में कंपनी द्वारा प्रतिनियुक्त व्यक्तियों को हटा कर उसके द्वारा गलत लड़कों को प्रत्येक सेंटर पर एके राठौर व नौवागढ़ी के रोहन कुमार उर्फ देवराज के सहयोग से प्रतिनियुक्त करना था. गलत प्रतिनियुक्त व्यक्ति द्वारा चिह्नित परीक्षा केंद्र पर बायोमैट्रीक कैप्चर करने के लिए जाता और चिह्नित अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र का फोटो खींच कर मास्टर नामक व्यक्ति को देना था. इसके द्वारा परीक्षा का प्रश्नपत्र को व्हाट्सएप मुंगेर साल्वर ग्रुप में भेज कर प्रश्नों के उत्तर को चिह्नित परीक्षाथियों को गलत रुपये से बायोमेट्रिक में प्रतिनियुक्त लड़कों के माध्यम से प्राप्त करा दिया जाता है. इस काम के लिए पटना से समीर, भागलपुर से प्रशांत व बंगलवा (मुंगेर) से प्रियांशु को बुलाया गया था. हालांकि कोचिंग संचालक फरार है. इसमें कई अन्य नाम भी सामने आये हैं. जिसकी संलिप्तता की पुलिस जांच कर रही है. कहते हैं पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि परीक्षा से पहले गिरोह का उद्भेदन करते हुए चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. जिन परीक्षार्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाना था, उन्हेंने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर से गिरफ्तार कर लिया गया था. इस मामले में डीइओ के आवेदन पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जिसमें 28 लोगों को नामजद एवं अन्य को अज्ञात अभियुक्त बनाया गया है. गिरफ्तार सभी 22 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

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Published by: Raushan bhagat

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