बरियारपुर से संजीव कुमार की रिपोर्ट :
बरियारपुर के व्यस्त कालीथान तीन बटिया चौक पर पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. यहां सांसद कोटे से लगायी गयी जलमीनार का समरसेबल पिछले दो-तीन वर्षों से खराब पड़ा है. इसके कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है. खास बात यह है कि ऋषिकुंड मलमास मेला शुरू होने के बाद इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या और बढ़ गयी है.स्थानीय लोगों का कहना है कि पीएचइडी विभाग की उदासीनता के कारण हर घर जल-नल योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है. तीन बटिया चौक बरियारपुर, ऋषिकुंड और आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. मलमास मेले के दौरान इसी रास्ते से रोजाना सैकड़ों ई-रिक्शा और चौपहिया वाहन श्रद्धालुओं को लेकर गुजरते हैं.किसानों और यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी
तीन बटिया चौक पर लगने वाली सब्जी मंडी में दियारा क्षेत्र के किसान परवल, बैंगन, कद्दू और अन्य सब्जियां लेकर पहुंचते हैं. लेकिन प्यास लगने पर जब वे जलमीनार के पास जाते हैं तो वहां पानी की एक बूंद तक नहीं मिलती. मजबूरी में उन्हें दुकान से पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है.
कई गांवों के लोगों की बढ़ी मुश्किल
इस चौक से होकर रतनपुर, काजीचक और चिरैयाबाद सहित कई गांवों के लोग रोजाना बड़े शहरों की ओर यात्रा के लिए निकलते हैं. ऐसे में यहां पेयजल सुविधा बंद रहने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लगायी गुहार
ग्रामीण चंद्र दिवाकर कुमार, राजाराम गुप्ता, मनोज मंडल और सुशील मंडल सहित कई लोगों ने बताया कि समरसेबल मशीन दो-तीन साल पहले ही खराब हो गयी थी, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी.
