सम्राट के मुख्यमंत्री बनने से तारापुर में विकास को लगेंगे पंख, लोगों में जगी नयी आस

तारापुर के लाल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद क्षेत्र के लोगों में विकास की नई उम्मीदें जगी है.

संजय वर्मा, तारापुर

तारापुर के लाल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद क्षेत्र के लोगों में विकास की नई उम्मीदें जगी है. लोगों में उम्मीद है कि 25 वर्षों से लंबित योजनाओं और नए प्रोजेक्ट को अब गति मिलेगी. अब तारापुर के विकास को पंख लगेंगे. हालांकि, सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना मुंगेरवासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण है.

उप-मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए सम्राट चौधरी ने पूर्व में कई योजनाओं को कार्यान्वित किया, लेकिन बुधवार को मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण करते ही मुंगेरवासियों व तारापुरवासियों की अपेक्षाएं और अधिक हो गयी है. लोगों ने उम्मीद जतायी कि उनके द्वारा घोषित सुल्तानगंज-देवघर फोरलेन और खगड़पुर-जमुई थ्री लेन सड़क से तारापुर को सीधा जोड़ने वाले रिंग रोड का काम तेजी से होगा. इतना ही नहीं भीमबांध को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और तारापुर व्यापार का हब बनेगा. सुल्तानगंज गंगा नदी से पाइप लाइन के जरिये खड़गपुर झील और हनुमना डैम तक गंगाजल पहुंचाने की योजना उनकी प्राथमिकता में शामिल है. तारापुर के लोगों को उम्मीद है कि 2027 तक हर घर शुद्ध पानी का वादा पूरा होगा, जबकि खड़गपुर की प्राकृतिक वादियों में स्थित झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग दशकों पुरानी है. सम्राट चौधरी ने भी इसे दार्शनिक स्थल के रूप में विकसित करने का भरोसा दिया था. अब सीएम बनने के बाद पर्यटन विभाग से बजट मिलने की उम्मीद जगी है.

उद्योग, पर्यटन व रेलवे के विकास की भी होगी पहल

तारापुर अनुमंडल के तारापुर, असरगंज और संग्रामपुर को उद्योग का हब बनाने के लिए सम्राट चौधरी ने पहले ही घोषणा कर चुके हैं. पांच हजार एकड़ जमीन पर उद्योग बनाया जाना है, जबकि संग्रामपुर में 50 एकड़ और असरगंज में 200 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा और युवाओं को रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे. इससे इन क्षेत्रों के युवाओं को दूसरे राज्य मजदूरी के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा. वहीं तिलडीहा मंदिर समेत क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों तक जाने वाले मार्ग को सुगम और बेहतर बनाने का काम प्राथमिकता में है. घाट निर्माण और बड़े पुल की योजना से धार्मिक पर्यटन बढ़ने की उम्मीद है. वहीं तारापुर में रेलवे लाइन बिछाने की मांग दशकों पुरानी है. लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि सम्राट चौधरी तारापुर विधायक होने के नाते व मुख्यमंत्री बनने के बाद केंद्र सरकार से इस पहल को प्राथमिकता देंगे और तारापुर को रेलवे के मानचित्र पर स्थापित करेंगे.

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पूरी होगी व्यवहार न्यायालय व उपकारा की भी मांग

तारापुर. तारापुर विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह एवं पूर्व अध्यक्ष हरे कृष्ण वर्मा कहते हैं कि मुंगेर जिला मुख्यालय पर निर्भर तारापुर के लोगों को छोटे-मोटे केस के लिए भी 50 किमी दूर जाना पड़ता है. व्यवहार न्यायालय की स्थापना की मांग अब पूरी होने की उम्मीद है. इससे तारापुर के आमलोगों को सस्ता व सुलभ न्याय मिल पायेगा. वहीं तारापुर में उप-कारा की मांग 25 वर्षों पुरानी है. अभी कैदियों को मुंगेर भेजा जाता है. लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी इस कमी को जरूर दूर करेंगे. स्थानीय व्यवसायी मनोहर साह, कृष्ण कुमार जायसवाल ने कहा कि 1932 के शहीदों की धरती को हमेशा उपेक्षित रखा गया. अब अपना विधायक सीएम हैं तो 25 साल का बैकलॉग पांच साल में पूरा होगा. भाजपा नेता शंभू शरण चौधरी ने बताया कि सीएम सम्राट चौधरी ने आश्वस्त किया है कि तारापुर मॉडल को पूरे बिहार में लागू किया जायेगा. जिसकी शुरुआत अपने विधानसभा क्षेत्र से होगी.

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Published by: Anand kumar

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