करोड़ों खर्च के बावजूद नगर परिषद क्षेत्र में पानी को लेकर मचा है हाहाकार

नगर परिषद क्षेत्र के 33 वार्ड में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति को लेकर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया, लेकिन आज भी नगर परिषद के 11 वार्ड में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है.

अभी भी 11 वार्ड में रहने वाले शहरवासी के घर नहीं पहुंच रहा है पानी

जमालपुर. नगर परिषद क्षेत्र के 33 वार्ड में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति को लेकर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया, लेकिन आज भी नगर परिषद के 11 वार्ड में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. इस कारण पानी के लिए शहरवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

नगर परिषद जमालपुर में कुल 36 वार्ड हैं. इनमें से तीन वार्ड रेलवे के क्षेत्राधिकार वाले हैं. 33 वार्ड में हर घर को वाटर सप्लाई का कनेक्शन का कार्य की जिम्मेदारी बुडको को दी गयी थी, लेकिन अभी भी कई वार्ड ऐसे हैं, जहां हम कनेक्शन नहीं किया गया है तो शहर के 22 वार्ड में आंशिक रूप से पानी दिया जा रहा है. जहां गली के एक तरफ के घर में तो पानी पहुंच रहा है, लेकिन दूसरे तरफ के घर में कनेक्शन भी नहीं है, या पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इतना ही नहीं शहर का 11 वार्ड ऐसा है जहां अभी भी पानी के लिए लोग तरस रहे है, क्योंकि वहां पानी की आपूर्ति आरंभ ही नहीं हो पायी है.

शहरवासी ने कहा सुदृढ़ हो पेयजलापूर्ति व्यवस्था

अधिवक्ता सुखदेव पोद्दार ने कहा कि करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद भी नगर परिषद जमालपुर शहर की आधी से ज्यादा जनता को शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. कई वार्ड व मोहल्ले में अब भी कनेक्शन नहीं दिया गया है. मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ राशि की लूट हो रही है. पुस्तक विक्रेता शैलेंद्र कुमार ने कहा कि आज भी नगर परिषद जमालपुर के लोग पानी के लिए त्राहिमाम है. किसी वार्ड में पानी मिल रहा है, तो किसी वार्ड में बिल्कुल नहीं. रोड के एक तरफ पानी आता है तो दूसरी तरफ पानी बिलकुल नहीं आता है. सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश प्रसाद शर्मा ने कहा कि शहर का व्यवसायिक केंद्र धर्मशाला रोड में आज तक पाइप भी नहीं बिछाई गयी है. सदर बाजार में भी लोग एक गैलन पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं. सेवानिवृत्त रेलकर्मी सदानंद सिंह ने कहा कि नगर परिषद जमालपुर जरूरत की बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं कर पा रहा है. शहर के बाराट चौक, स्टेशन मोड आदि जगहों पर नगर परिषद में अब तक पानी का कोई इंतजाम नहीं किया है. स्टेशन के बाहर निकालने के बाद यात्री इधर-उधर पानी और शौचालय के लिए भटकते रहते हैं. सामाजिक कार्यकर्ता उषा जालान ने कहा कि हम लोग सरकार को टैक्स दे रहे हैं, लेकिन फिर भी धर्मशाला रोड तथा सदर बाजार में पानी क्यों नहीं मिल रहा है. कई जगह सरकारी आपूर्ति का पानी आ रहा है और हम लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है.

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Published by: Birendra kumar sing

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